लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के प्रथम संस्थापक कुलपति और वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ. के एम सिंह का शनिवार को निधन हो गया। वह कुछ दिन से अस्वस्थ चल रहे थे। डॉ. सिंह के निधन की सूचना मिलते ही केजीएमयू सहित अन्य डाक्टरों में शोक की प्रकट किया। डा. सिंह के परिवार में तीन बेटे और एक बेटी हैं। एक बेटा डॉ. के के सिंह केजीएमयू सर्जरी विभाग में कार्यरत हैं। इसी प्रकार डॉ कुंवर कांत सिंह नेत्र सर्जन है। इसी प्रकार डॉ. कमल कांत सिंह खुद के पैरामेडिकल कॉलेज के निदेशक हैं। वही उनकी बेटी डॉ सुनीता सिंह महिला रोग विशेषज्ञ हैं।
देवरिया जिले के अहिरौली बघेल निवासी डॉ. के एम सिंह ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएससी की और फिर वर्ष 1960 में केजीएमयू से एमबीबीएस करने के बाद यही एमएस के बाद वर्ष 1970 में लेक्चरर नियुक्त हो गये। वर्ष 1986 में सर्जरी विभाग के तहत यूरोलॉजी यूनिट की शुरुआत की गयी। यूरोलॉजी विभाग को वर्ष 1998 में विधिवत एक अलग विभाग का दर्जा मिला। डॉ सिंह ने प्रदेश में पहली बार यूरोलॉजी विभाग स्थापित कर कीर्तिमान बनाया। वर्ष 1999 में वह केजीएमसी के प्राचार्य पद पर तैनात हुए । इसके कुछ समय बाद इसे विश्वविद्यालय का दर्जा मिला, तो वह केजीएमयू के पहले कुलपति बने। वर्ष 2002 तक कुलपति रहते हुए उन्होंने विश्वविद्यालय के विकास को नया आयाम दिया।












