केजीएमयू : कोरोना पाजिटिव को वापस होगा 1500 रुपये शुल्क

0
655

लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में अब सेमी इमरजेंसी में आने वाले मरीजों एवं उनके तीमारदारों की कोरोना की जांच के लिए 1500 रुपए प्रति टेस्ट खर्च करने होंगे। यदि मरीज की रिपोर्ट पाजिटिव आती है, तो मरीज निशुल्क इलाज होगा। साथ ही जांच की शुल्क भी वापस कर दिया जाएगा। यह निर्णंय किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की 43वीं बैठक में लिया गया। बैठक में कोविड-19 अस्पताल को आरएएलसी परिसर में बनाने का प्रस्ताव दोबारा शासन को भेजने का प्रस्ताव रखा गया। माइक्रोबायोलाजी विभाग में रिक्त रिसर्च आफिसर एवं रिसर्च अस्टिेंट के पदों को एजेंसी के माध्यम से भरने का प्रस्ताव को हरी झंडी दी गयी। बैठक की अध्यक्षता केजीएमयू के कुलपति प्रो. एम एल बी भट्ट ने की।

पीजीआई व लोहिया संस्थान की तर्ज पर केजीएमयू में सेमी इमरजेंसी में आने वाले मरीजों व तीमारदारों को कोराना जांच के लिए शुल्क जमा करना होगा। इसकी जांच की व्यवस्था पीपीपी माडल पर लागू किए जाने के प्रस्ताव को अनुमोदन मिल गया है।

आज की बैठक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय निम्न प्रकार है

  • कार्यपरिषद की पूर्व बैठक में 300 लैपटाप की खरीद में अनियमिता के प्रकरण की विस्तार पूर्वक जांच के लिए विशेषज्ञों को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया।
  • कोविड-19 महामारी को देखते हुए माइक्रोबायोलाजी विभाग में रिक्त पड़े रिसर्च आफिसर एवं रिसर्च अस्टिेंट के पदों को एजेंसी के माध्यम से भरने के प्रस्ताव को अनुमति प्रदान की गई।
  • पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग में डीएम पल्मोनरी मेडिसिन पाठ्यक्रम को संकाय सदस्यों की तैनाती होने के बाद एमसीआई को प्रस्ताव भेजने का निर्णय।
  • रेस्पेरेटरी मेडिसिन विभाग के प्रमुख प्रो. सूर्यकांत पर शासन से प्राप्त शिकायत की जांच हेतु विश्वविद्यालय द्वारा गठित समिति को अनुमोदित किया गया।
  • कोरोना महामारी काल में संकाय सदस्यों की ग्रीष्मकालीन अवकाश को निरस्त होने पर विश्वविद्यालय में अगले कैलेण्डर ईयर में 24 दिन का विशेष अवकाश।
  • केजीएमयू के कुलानुशासक को चार हजार रुपये, अपर कुलानुशासक को तीन हजार एवं सहायक कुलानुशासक को रूपए दो हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय पुनरीक्षित किए जाने की अनुमति।
  • संक्रामण रोग चिकित्सालय लेवल -4 के निर्माण स्थापना हेतु 15 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने संबंधी प्रस्ताव को शासन को प्रेषित।
Previous article‘कोरोना के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता अपडेट करने में मददगार कोशिकाओं की पहचान
Next articleस्टेरॉयड डेक्सामेथासोन को कोविड-19 के क्लीनिकल प्रोटोकॉल में शामिल

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here