लखनऊ । प्रदेश के अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर परिसर के आसपास कुछ नेताओं, अधिकारियों और उनके रिश्तेदारों द्वारा सस्ती दर पर जमीन खरीदने के मामले में राज्य सरकार ने ब्रृहस्पतिवार को जांच शुरु कर दी है।
अपर मुख्य सचिव (राजस्व) मनोज कुमार सिंह ने समाचार एजेंसी को बताया कि मुख्यमंाी कार्यालय द्वारा इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश पारित किये जाने के तुरंत बाद जांच प्रक्रिया शुरु कर दी गयी है।
गौरतलब है कि हाल ही में एक मीडिया रिपोर्ट में इस मामले को उजागर किये जाने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को जांच के आदेश दिये थे।
अयोध्या में पहले से ही जांच के दायरे वाली एक ट्रस्ट की जमीन को कुछ नेताओं, अधिकारियों और उनके रिश्तेदारों द्वारा सस्ते दाम पर खरीदने का मामला उजागर होने के बाद विपक्षी दलों ने इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। इस मामले पर संज्ञान लेते हुये मुख्यमंाी कार्यालय ने विशेष सचिव (राजस्व) राधेश्याम मिश्रा को जांच करने के आदेश दिये हैं।
इस मामले के तथ्यों के बारे में प्राप्त जानकारी के अनुसार अयोध्या में एक ट्रस्ट की जमीन को स्थानीय विधायक, मेयर और तत्कालीन आयुक्त के रिश्तेदार पर राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से कम दाम पर खरीदने का कथित आरोप है। उक्त ट्रस्ट द्वारा खरीदी गयी जमीन में नियमों की अनदेखी किये जाने की जांच पहले से ही चल रही थी।
ट्रस्ट पर आरोप है कि उसने कुछ साल पहले अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर के पांच किमी के दायरे में अनुसूचित जाति के कुछ लोगों की जमीन खरीदी थी। इस मामले की जांच पहले से चल रही थी तभी नवंबर 2़019 में मंदिर निर्माण की उच्चतम न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद अयोध्या के कुछ आधिकारियों और नेताओं के रिश्तेदारों द्वारा इस जमीन को बाजार कीमत से कम मूल्य पर खरीदे जाने का मामला बुधवार को एक मीडिया रिपोर्ट में उजागर हुआ।




