लखनऊ। डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के रेफरल सेंटर मातृ एवं शिशु हास्पिटल में जल्द ही सौ बिस्तरों का आईसीयू बनेगा। केन्द्र सरकार के प्रोजेक्ट के तहत आधुनिक सुविधाओं से युक्त इंटेसिव केयर यूनिट (आईसीयू) का निर्माण किया जाना है।
इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। यह जानकारी लोहिया संस्थान की निदेशक डा. सोनिया नित्यानंद ने रविवार को संस्थान के क्रिटकल केयर मेडिसिन यूनिट व एनेस्थीसिया तथा आईएससीसीएम की सिटी ब्राांच की ओर से आयोजित कार्यशाला में दी।
निदेशक डा. सोनिया ने कहा कि प्रदेश में मातृ मृत्यु दर देश में सर्वाधिक है। इसे कम करने के लिए लोगों को जागरूक करने के साथ ही योजनाओं को अमली जामा पहनाया जा रहा है। इसी के तहत सौ बिस्तरों का आईसींयू प्रस्तावित है। कार्यशाला में एनेस्थीसिया विभाग के पूर्व प्रमुख डा. दीपक मालवीय ने कहा कि मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए सभी नियमों का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रसव के दौरान महिलाओं में कई तरह की दिक्कतें आती है। ब्लीडिंग होने के अलावा झटके लगने की भी आशंका होती है।
कई बार गंभीर अवस्था में महिलाओं को तत्काल आईसीयू की आवश्यकता होती है। क्रिटकल केयर मेडिसिन विभाग के प्रमुख डा. पीके दास ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र के डाक्टर की सलाह पर समय पर जांच व दवा लेनी चाहिए। कार्यशाला में प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं व निदान के बारे में जानकारी दी गयी। कार्यशाला में डा. ममता, डा. सूरज, डा. शिल्पी, डा. कृति, डा. प्राची, डा. स्मारिका के अलावा अन्य विशेषज्ञ डाक्टरों ने भाग लिया।