होमक्वारेंटाइन से परिवार पर खतरा

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लखनऊ। कोरोना मरीजों के इलाज में 14 दिन की ड्यूटी करने के बाद होम क्वारेंटाइन करने के आदेश का किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के कर्मचारी परिषद सहित अन्य चिकित्सा संस्थानों ने विरोध कर दिया है। सभी का एक मत से कहना है कि अगर कोई संक्रमित निकलता है, तो पूरा परिवार चपेट में आ जाएगा।

कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष प्रदीप गंगवार ने पैरामेडिकल, स्वास्थ्यकर्मियों की ओर से विरोध करते हुए कहा है कि 14 दिन लगातार कोरोना मरीजों के बीच में उनका इलाज करने के बाद तत्काल होम क्वारेंटाइन हो जाना खतरे से कम नहीं है। ऐसे में उनका परिवार पर खतरा मंडराने लगेगा। उनका कहना है कि सभी कर्मियों के आवास भी ऐसे नही है कि उनको अलग क्वारेंटाइन किया जा सके।

कहीं न कहीं से संक्रमण होने की आशंका हो जाती है। उन्होंने बताया कि अगर देखा जाए तो काफी संख्या में नर्सिंग या अन्य स्टाफ किराये के मकान में रहते है। उनको पहले से ही तमाम दिक्कतें होती है। ऐसे में होम क्वारेंटाइन होने पर किराये का मकान ही खाली करने की नौबत आ सकती है।

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