लखनऊ । ज्यादा मात्रा में पत्ता गोभी का सेवन कर रहे हैं तो यह दिक्कत पैदा कर सकता है, जिन्हें पहले से थायराइड की मामूली परेशानी है तो उन्हें अत्याधिक मात्रा में बंद या पत्ता गोभी के सेवन से बचना चाहिए। थायराइड ग्रांथि से हार्मोन बनने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है। यह परामर्श केजीएमयू जनरल सर्जरी विभाग के कुशाग्र गौरव ने
बुधवार को केजीएमयू के जनरल सर्जरी विभाग के स्थापना दिवस समारोह से पूर्व आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए दी।
डॉ. गौरव ने बताया कि तराई और पूर्वी यूपी के जिलों की भूमि में आयोडीन की कमी होती है। ऐसे में वहां की जमीन में उगाई जानी वाली सब्जी में आयोडीन की कमी रहती है। बंद व पत्ता गोभी में सेलीसिलेट एसिड पाया जाता है। जो थायराइड ग्रांथि से हार्मोन बनने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है, इसके कारण शरीर में थायराइड की कमी हो जाती है। समस्या गंभीर होने पर मरीज को घेघा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि सीमित मात्रा में बंद और पत्ता गोभी खाने से सेहत को नुकसान नहीं है। जिन लोगों को थायराइड संबंधी मामूली परेशानी है उन्हें अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। डॉ. कुलरंजन ने कहा कि आयोडीन युक्त नमक का ही सेवन करना चाहिए। साबूत नमक का सेवन करने से बचना चाहिए। यदि सेवन कर रहे हैं तो उसे धोकर खाने से बचना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रदूषण से भी थायराइड की समस्या गंभीर हो सकती है। कार्यक्रम में डॉ. गीतिका नंदा ने ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में डॉ. केके सिंह, डॉ. अक्षय आनंद, डॉ. संदीप तिवारी, डॉ. सुरेंद्र समेत अन्य वरिष्ठ डॉक्टर मौजूद थे।











