टोल वसूली भी ठप
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की जर्जर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। एक तरफ जहां सड़क धंसने के कारण एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली पूरी तरह निलंबित कर दी गई है, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा के लिहाज से एलिवेटेड रोड पर भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।
आईआईटी खड़गपुर की जांच रिपोर्ट का इंतजार
टोल वसूली पर यह रोक आईआईटी खड़गपुर के प्रो. केएस रेड्डी की तकनीकी जांच रिपोर्ट आने तक प्रभावी रहेगी। प्रो. रेड्डी ने 7 अगस्त को क्षतिग्रस्त सड़क के नमूने लिए थे। हालांकि, जांच के 17 दिन बीत जाने के बाद भी अधिकारियों की ओर से रिपोर्ट की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर सुधारात्मक कार्य पूरे होने के बाद ही दोबारा टोल शुरू किया जाएगा।
बोल्डर और गार्ड तैनात, वाहनों को रोका गया
सड़क की मरम्मत का काम कार्यदायी संस्था पीएनसी द्वारा किया जा रहा है। एलिवेटेड रोड की साइड की दीवारों और विस्तार जोड़ (expansion joints) के पास सड़क दबने के कारण रविवार शाम से लखनऊ से कानपुर जाने वाली लेन पर भारी वाहनों की एंट्री बंद कर दी गई है।
सोमवार को दरोगा खेड़ा के पास एलिवेटेड रोड के प्रवेश द्वार पर बोल्डर लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया और सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए। गार्डों के अनुसार, उन्नाव के कोरारी (किलोमीटर 63 से 65) के बीच सड़क अत्यधिक धंसने की वजह से यह कदम उठाया गया है।
अधिकारियों के बयानों में विरोधाभास
एक तरफ जहां मौके पर गार्ड और बोल्डर लगाकर भारी वाहनों को रोका जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ एनएचएआई के परियोजना निदेशक नवरत्न का कहना है कि एलिवेटेड रोड पर वाहनों के प्रवेश पर कोई आधिकारिक रोक नहीं लगाई गई है। अधिकारियों के इस विरोधाभासी बयान से स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है।




