लखनऊ। किंग जार्ज चिकिसा विश्वविद्यालय में अनुशासनहीनता के आरोप में नेत्र रोग विभाग के डॉक्टर को आरोप पत्र दिया जाएगा। यह निर्णय शुक्रवार को केजीएमयू कार्यपरिषद की आपात बैठक में लिया गया है। आपात बैठक में डॉक्टर को चार्ज शीट देने के निर्णय पर कार्यपरिषद ने अंतिम मुहर लगा दी है।
केजीएमयू कुलपति डॉ. बिपिन पुरी की अध्यक्षता में कार्यपरिषद की आपात बैठक आयोजित की गयी। आपात बैठक में नेत्र रोग विभाग का प्रकरण प्रस्तुत किया गया। आरोप में नेत्र रोग विभाग के डॉ. गौरव कुमार पर अनुशासनहीनता के आरोप लगाया गया हैं। कार्यपरिषद ने डॉ. गौरव को आरोप पत्र (चार्जशीट ) देने का फैसला किया है। इसके आधार पर डॉ. गौरव को अपना उत्तर प्रस्तुत करना होगा।
बताते चले कि पांच जनवरी 2022 को नेत्र रोग विभाग की प्रमुख डॉ. अपजीत कौर ने कुलपति को पत्र लिखा था। पत्र का जिक्र 30 दिसंबर 2021 को कुलपति कार्यालय पर आयोजित बैठक का जिक्र किया गया। इसमें डॉ. गौरव कुमार के कामकाज पर चर्चा की गयी। विभागाध्यक्ष व कुलपति बैठक में सभी पहलुओं पर बातचीत कर रहे थे। पत्र में आरोप है कि बैठक में डॉ. गौरव नाराज हो गये। आरोप है कि कुलपति से असंसदीय भाषा का प्रयोग किया। जो कि चिकित्सा संस्थान के मुखिया के सामने सही नहीं है। पत्र के बाद से मामला बिगड़ता चला गया। इससे पहले कार्यपरिषद में मामला रखा गया था। जिसमें आरोपी डॉक्टर को निलंबित करने की संस्तुति की गई थी। अब कार्यपरिषद की बैठक में आरोप पत्र देकर उत्तर प्रस्तुत करने के निर्देश दिया गया है।












