कोरोना डर इतना, शव छोड़ भाग गये परिजन

0
823

लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में बुजुर्ग की कोरोना संक्रमण से मौत हो गयी। मौत के बाद जब शव परिजनों को सौंपने के लिए बुलाया गया, तब तक संक्रमण का डर अपनों को पराया बना चुका था। संक्रमण के डर से अपने पलायन कर चुके थे। शव लेने वाला कोई मौके पर मौजूद नहीं था। परेशान डाक्टरों ने परिजनों को कई बार फोन करके समझाया। तब कही अगले दिन कुछ लोग आये,लेकिन शव को लेने में आनाकानी करते रहे। समझा बुझा कर कागजी कार्रवाई पूरी की गयी। इसके बाद नगर निगम के कर्मियों द्वारा शव का दाह संस्कार कराया गया।

केजीएमयू प्रवक्ता डा. सुधीर के मुताबिक गोंडा के बेसनपुरवा निवासी बुजुर्ग (62) की जांच में कोरोना संक्रमण निकला था। उनको करीब पांच दिन केजीएमयू के आइशोलेशन यूनिट में भर्ती किया गया। यहां पर कल दोपहर में बुजुर्ग मरीज की मौत हो गयी। डॉक्टरों ने तीमारदारों को तलाशना शुरू किया, लेकिन कोई तलाशने पर भी नहीं मिला। इस पर केजीएमयू प्रशासन को जानकारी दी गयी। डॉ. सुधीर ने बताया कि तीमारदार न मिलने से शव को पोस्टमॉर्टम में रखवा दिया गया। भर्ती के दौरान दी गयी जानकारी के अनुसार गोंडा के सीएमओ से फोन करके तीमारदारों से संपर्क किया गया।

बड़ी मुश्किल से तीमारदार सुबह आ गये, लेकिन उनका कहना था कि मृतक के बेटे बाहर हैं। हम सब उनके परिवार से है, शव को भेजकर दाह संस्कार करा दें। वहां पर समझा बुझा कर उन्हें पीपीई किट दी गईं, लेकिन उन्होंने शव को छूने से भी मना कर दिया। वाहन पर स्टाफ ने शव रखवाया। वह हैंडओवर को लेकर आनाकानी करते रहे। साढ़े नौ बजे के करीब नगर निगम के कर्मी बुलाया गया आैर तीमारदारों से हस्ताक्षकर कराकर शव निगम कर्मी दाह संस्कार करने के लिए दे दिया गया। दाह संस्कार में वहां भी प्र िक्रयाओं को लेकर तीमारदार आना-कानी करते रहे। किसी तरह दाहसंस्कार किया गया।

Previous article14 घंटे पोस्टमार्टम के लिए परिक्रमा करते रहे परिजन
Next articleकेजीएमयू : डाक्टरों ने दी सलाह, बदल दिया प्रोफार्मा !

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here