लखनऊ। रविवार को अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत अवध प्रांत लखनऊ की बैठक मठ बड़ी काली मंदिर, चौक लखनऊ में संपन्न हुई । जिसमें राष्ट्रीय संगठन मंत्री दिनकर एवं क्षेत्रीय संगठन मंत्री डाक्टर प्रमोद का पाथेय प्राप्त हुआ ।
दिनकर ने बताया कि ग्राहक अपने मामले खुद तय करा सके इसलिए उसमें जागरूकता लानी है। समस्याओं के निराकरण के लिए उसे गाइड करना है, पंचायत का मतलब 5 लोग मिलकर किसी मामले का हल कर ले, हमें मिलकर किसी भी समस्या का हल उचित तरीके से करना है, हमारा विरोध अनुचित व्यापार से है , और यह सूक्ति बताई कि ‘ग्राहक रहेगा मौन तो तेरी सुनेगा कौन ‘।
ग्राहक पंचायत में हमें क्या करना है सबसे पहले तो अधिक से अधिक लोगों के सदस्यता करानी है और उन्हें जागरूक बनाना है। अपने लखनऊ महानगर में छोटी -छोटी इकाई बनानी है और यह भी देखना है कि सभी जिले एंव तहसील में इकाई बने जिससे जन जागरण संभव हो सके। अपने सभी इकाइयों में महिला जागरण के लिए महिलाओं की टीम भी बनानी है, क्योंकि 70% खरीदारी महिलाएं ही करती हैं।महिलाओं का ग्राहकी समझ अच्छा है,महिलाएं दुकानदार से पूछती हैं, यह सामान चाइना का तो नहीं है या इसकी गुणवत्ता क्या है, इसलिए महिला इकाई बनाना बहुत जरूरी है।
हर इकाई में लीगल सेल भी आवश्यक है क्योंकि किसी भी व्यक्ति को हम कानूनी मदद तभी दिला पाएंगे जब हमारे पास वकीलों की अच्छी टीम होगी, क्योंकि वकील के माध्यम से अच्छी ड्राफ्टिंग और उचित राय दिलाई जा सकती है।
सभी इकाई में मीडिया सेल का होना भी आवश्यक है,जो भी हमारे ग्राहक पंचायत ने कार्य किया है। मीडिया के माध्यम से उसका प्रचार प्रसार पूरे प्रदेश में हो, जिससे जागरूकता बढ़ सके।
पर्यावरण सेल का निर्माण भी आवश्यक है, हमें हर इकाई में एक पर्यावरण संरक्षण के लिए टोली बनाना है जिससे पर्यावरण को सुरक्षित व संरक्षित किया जा सके।
रोजगार सृजन ( निर्माण) भी हमें अपने संगठन के माध्यम से करना है, वर्तमान में हमारा संगठन अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ,स्वदेशी जागरण मंच ,सहकार भारती ,अखिल भारतीय मजदूर संघ के साथ मिलकर यह कार्य कर रहा है कि हम लोगों को अधिक से अधिक रोजगार दिला सके और शिक्षा संस्थाएं, आईटीआई अन्य ट्रेनिंग सेंटर आदि से लोगों को प्रशिक्षित करा कर सफल बना सकें और हमें अपने संगठन के माध्यम से लोगों को रोजगार देने में सक्षम बनाना है तथा शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाना है ।
हमारे संगठन के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं तो क्या हमारे संगठन की पहुंच गांवों तक हो सकती है , यदि हां तो वहां तक हम पहुंचे और जो ग्रामीण छात्र छात्रावासों में रह रहे हैं उन तक अपनी पहुंच बनाएं , उन्हें साइबर कानूनों के बारे में उपभोक्ता कानूनों के बारे में व उनके अधिकारों के बारे में बता कर उन्हें जागरूक करें तथा उन्हें एक्टिव एक्टिविस्ट के रूप में तैयार कर सकें। हमारा छात्र सोशल मीडिया का अच्छा उपयोग करता है ।यदि हम छात्रावास के छात्रों तक अपनी पहुंच बनाते हैं, तो वे ग्रामीण अंचल में रहने वाले लोगों को भी जागरूक कर सकते हैं।
उक्त कार्यक्रम में दिनकर ने अवध प्रांत के प्रांतीय अध्यक्ष अनिल खरे , संगठन मंत्री डा0 मनोज मिश्रा जी , सचिव डॉ0 राम प्रताप सिंह बिसेन तथा कोषाध्यक्ष रमाशंकर अवस्थी के नए दायित्व की अवध प्रान्त के लिए घोषणा की।
तथा क्षेत्रीय संगठन मंत्री डा प्रमोद पांडे जी भाई साहब ने बताया कि जन्म से मृत्यु तक हर व्यक्ति ग्राहक है हम उपभोक्तावादी संस्कृति की ओर बढ़ रहे हैं जो उचित नहीं है जब हम ग्राहक बनकर कार्य करेंगे तो ग्राहक जागरूक रहेगा । ग्राहक सर्जक रहेगा, तो वस्तु की गुणवत्ता व सेवा पर भी ध्यान देगा। तदोपरांत अन्य शेष प्रांतीय कार्यकारिणी की घोषणा भी माननीय क्षेत्रीय संगठन मंत्री द्वारा की गई जिसमें आशुतोष मिश्र जी को प्रांतीय उपाध्यक्ष वह श्रीमती साबरमती खुराना को प्रांतीय उपाध्यक्ष तथा कौशलेंद्र जी को सहसंगठन मंत्री व नीलम इंसान को संयुक्त सचिव का दायित्व दिया गया।साथ ही कार्यकारणी के सदस्य जितेंद्र शर्मा, अवध कुमार सरोज, विश्वनाथ मिश्र मीडिया प्रभारी,डाक्टर सत्येंद्र मिश्र-विधि प्रकोष्ठ, मयंक तिवारी -आन्दोलन प्रमुख की भी घोषणा की गयी।
उक्त बैठक में रामेंद्र अवस्थी अध्यक्ष महानगर लखनऊ गणेश शंकर पवार , संतोष मिश्रा, यस के त्रिवेदी राधेश्याम यादव , मोहित सिंह रंजीत यादव , करण शुक्ला, आशुतोष त्रिपाठी, रविंद्र नाथ शुक्ला, विश्वनाथ मिश्र, सुमन पवार संयोजिका महिला प्रकोष्ठ, अनुज पांडे, राधे श्याम यादव , सत्येंद्र त्रिपाठी आदि लोग उपस्थित रहे।




