ड्रग कॉरपोरेशन ने कथित नेता की फर्म को काली सूची में डालने की संस्तुति
लखनऊ। ड्रग कॉरेपोरेशन के एमडी व शासन के वरिष्ठ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर वीडियो वॉयरल करने वाले बड़ी राजनैतिक पार्टी का कथित नेता का प्रकरण स्वास्थ्य मंत्री पास पहुंचा है। मंत्री ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। आरोप है कथित नेता ड्रग कॉरपोरेशन में उपकरण की सप्लाई के लिए टेंडर डाला था। वहीं बीते साल कथित नेता पर निजी कंपनी से रंगदारी मांगने के आरोप में मुकदमा भी दर्ज हुआ है। वहीं ड्रग कॉरपोरेशन ने कथित नेता की फर्म को काली सूची में डालने की संस्तुति के लिए शासन को भेजा है।
कोविड की दूसरी लहर दौरान ड्रग कॉरपोरेशन ने ऑक्सीमीटर सप्लाई का टेंडर जारी किया था। आरोप है कथित नेता ने भी टेंडर में शामिल हुआ था। ड्रग कॉरपोरेशन ने मानक अनुरूप ही काम दिए जाने की बात कही। जिसके बाद से कथित नेता ने ड्रग कॉरपोरेशन व शासन के वरिष्ठ अफसर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर उन्हें कठघरे में खड़ा कर दिया। इस मसले में ड्रग कॉरपोरेशन की एमडी ने कथित नेता की फर्म को काली सूची में डालने की संस्तुति किया है। एमडी कंचन वर्मा के मुताबिक, कथित नेता की फर्म को काली सूची में डालने की संस्तुति की गई है।
स्वास्थ्य मंत्री पास पहुंची शिकायत
कथित नेता जरिए बनाए गए वीडियो व दर्ज एफआईआर की कॉपी बुधवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह पास पहुंच गयी है। मंत्री ने जांच कराने की बात कहते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया है।




