लखनऊ। बलरामपुर अस्पताल में मरीज की मौत पर परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा व तोडफ़ोड़ की। हंगामे की सूचना पाकर मौंके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझा कर शांत कराया।
बीते १६ मार्च को कैंट निवासी शेट्टी कनौजिया को सिर में चोट लग गयी थी। उसके बाद परिजन मरीज को लेकर बलरामपुर अस्पताल आये थे। यहां पर इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सकों ने मरीज की हालत को देखते हुए केजीएमयू के ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया था।
वहीं ट्रामा सेंंटर में एक दिन रखने के बाद चिकित्सकों ने मरीज को दोबारा बलरामपुर अस्पताल भेज दिया। मरीज का अंत में बलरामपुर अस्पताल में इलाज शुरू हुआ। मरीज को १६ नंबर वार्ड में भर्ती कर इलाज दिया जा रहा था। मरीज के परिजनों की माने तो सोमवार की शाम मरीज की हालत बिगडऩे लगी। इस बात की सूचना वार्ड में तैनात नर्स को दी गयी। लेकिन नर्स ने मरीज को देखा तक नहीं बस डाक्टर का इंतजार करने को कहती रही। एक घंटे बीत जाने के बाद भी जब डाक्टर नहीं आये तो नर्स ने आकर एक इंजेक् शन दिया। परिजनों का आरोप है कि इंजेक् शन देने के बाद ही मरीज की मौत हुयी।
मरीज की हालत गंभीर थी। जिसके कारण इलाज के दौरान मौत हो गयी। परिजनों द्वारा इलाज में लापरवाही का आरोप गलत है।
-डा.राजीव लोचन,निदेशक ,बलरामपुर अस्पताल
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