लखनऊ – इलाहाबाद के उच्च न्यायालय के 150 स्थापना दिवस के समापन अवसर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा जस्टिस ऑफ इंडिया के कथन का उन्होंने समर्थन किया और कहा कि सरकार जस्टिस खेहर के संकल्प को पूरा करने में सहयोग प्रदान करेगा। मोदी ने अपने भाषण में कहा कि जस्टिस खेहर के एक शब्द की पीड़ा मैं समझ रहा था वह दिल से इस बात को बोल रहे थे और मैं मन से उसे सुन रहा था।
डॉ राधाकृष्णन ने एक मार्मिक सन्देश दिया था जिसको गांधी जी कहते थे हम कोई भी निर्णय करे की सही या गलत है इसकी कसौटी क्या है इसके लिए आखिरी छोर पर बैठे उस व्यक्ति के बारे में सोचें कि इस निर्णय का उस पर क्या प्रभाव पड़ेगा। जो त्याग तपस्या आजादी के समय थी पछहत्तर साल पूरे होनेे पर सपना संकल्प 2022 तक बनना चाहिये।
वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिये सुनवाई होनी चाहिए –
अपने सपनों को सवा सौ करोड़ लोग पूरा करें। कानून का बोझ आम आदमी को परेशान करता है। लगभग 1200 कानून खत्म किया है। वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिये सुनवाई होनी चाहिए कैदियों को कोर्ट ले जाते समय क्या क्या नहीं होता यह सभी जानते है अब योगी जी आये है अब यह सब बंद होगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150 साल पूरे होने पर जिसमें एक मंच पर भारत के मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , कानून मंत्री रविशंकर, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल रामनाईक, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आदि लोग मंच मौजूद थे। इस मौके पर इालाहाबाद उच्च न्यायालय की तरफ से मेहमानों का स्वागत किया गया जिसमें दिये गये मोमेंटो पर भी चर्चा होने लगी।
इस मौके पर चीफ जस्टिस जगदीश सिंह खेहर ने कहा कि उच्च न्यायालय में लम्बित मुकदमों को निपटाने में कोर्ट रोज प्रयास कर रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती भरे ऐसे निर्णय दिये है जो आज भी दुनिया मे ंयाद किये जाते हैं। अपने जीवन के बचपन को याद कर भावुक हुए मुख्य न्यायाधीश बोले अपने ख्हां के सबसे सस्ते स्कूल का छात्र रहा हूं। अपने गुरु उपेंद्र सिह को याद करते हुए एक ही मेरे जीवन के निर्माण में उनका साथ महत्वपूर्ण रहा है।