लखनऊ। खिलाड़ियों को चोटिल होने पर किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में उच्चस्तीय इलाज मिलेगा। अब जल्द ही यहां स्पोर्टस मेडिसिन विभाग की शुरूआत होने जा रही है। केन्द्र सरकार की तरफ से केजीएमयू को विभाग शुरू करने के लिए हरी झंडी मिल चुकी है।
आर्थोपेडिक के प्रो.अशीष कुमार स्पोर्टस मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष होंगे। उक्त जानकारी केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो.नरसिंह वर्मा व प्रो आशीष कूमार ने बुधवार को पत्रकार वार्ता के दौरान दी। इससे पहले 2002 से प्रो.आशीष कुमार आर्थोपेडिक विभाग में ही स्पोर्टस मेडिसिन विभाग के यूनिट इंचार्ज का कार्यभार संभालते आयें हैं। प्रो.आशीष कुमार ने बताया कि देश खेल-कूद की दिशा में उत्तरोतर प्रगति कर रहा है ऐसे में खिलाडि?ों के लिए उत्कृृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होना समय की मॉंग है। अपने देश में गिने-चुने स्पोर्टस मेडिसिन सेण्टर ही उपलब्ध है एवं अपने उत्तर प्रदेश एवं आस-पास के प्रदेशों में एक भी नहीं है।
प्रतिस्पद्र्धा वाले खेलों में खिलाडियों को अक्सर चोटें लगती रहती है जिनका उपचार सामान्य चिकित्सकों द्वारा ही किया जाता है। विशेष रूप से इसी कार्य के लिए प्रशिक्षण प्राप्त चिकित्सक,फि जियोथेरेपिस्ट एवं इस प्रकार की सुविधा उपलब्घ चिकित्सा केन्द्रों के अभाव में खिलाडि?ों का पूरा कैरियर बिगड़ सकता है। उदाहरण के लिए एथेलेटिक्स में 34 प्रतिशत, कबड्डी में 27 प्रतिशत एवं खो-खो इत्यादि में 23 प्रतिशत तक खिलाडि?ों को चोटे आती है। अधिकतर चोटें (80 प्रतिशत) पैरों में देखी गई है इनमें से अधिकतर चोटें आसानी से ठीक हो जाती है किन्तु 5 से 10 प्रतिशत चोटों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं विशिष्ट सुविधाओं से युक्त स्पोर्टस मेडिसिन सेण्टर की आवश्यकता है।
इन्ही बातों को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार के मिनीस्टरी ऑफ यूथ अफेयर्स एण्ड स्पोर्टस ने देश-भर से पॉंच संस्थानों को चुनकर पॉंच वर्षो के लिए 12.5 करोड़ रूपयें की राशि स्वीकृृत की है जिसमें उत्तर प्रदेश में एकमात्र संस्थान केजीएमयू को चुना गया है। यह राशि स्पोर्टस मेडिसिन विभाग की स्थापना एवं उसको पॉंच वर्षो तक चलाने हेतु स्वीकृृत की गई है । उत्तर प्रदेश में 68 स्टेडियम, 03 स्पोर्टस कॉलेज, 05 हॉकी स्टेडियम,13 बास्केटबॉल स्टेडियम एवं अन्य बहुत से क्रीड़ा सस्थान है किन्तु एक ही इस प्रकार का विशिष्ट स्पोर्टस मेडिसिन का चिकित्सा संस्थान नहीं है। उत्तर प्रदेश का प्रथम एवं भारत का छठा स्पोर्टस मेडिसिन विभाग केजीएमयू में स्थापित हो रहा है।