kgmu: नर्सिंग संवर्ग में वरिष्ठता की अनदेखी से आक्रोश

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कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष के तुगलकी फरमान पर उठे सवाल

​लखनऊ। चिकित्सा विश्वविद्यालय के कार्डियोलॉजी विभाग में नर्सिंग संवर्ग की वरिष्ठता और नियमों की धज्जियां उड़ाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। विभागाध्यक्ष की मनमानी और एकपक्षीय कार्यशैली के कारण पूरे नर्सिंग संवर्ग में गहरा रोष व्याप्त है। वरिष्ठ अधिकारियों और योग्य कर्मचारियों को दरकिनार कर कनिष्ठ कर्मचारियों को तरजीह दिए जाने से विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग गए हैं।
​70 से अधिक ANS संभाल रहे नर्सिंग ऑफिसर का काम

​kgmuनर्सेज एसोसिएशन की अध्यक्ष यदुनंदिनी ने केजीएमयू कुल सचिव को भेजे गए पत्र में कहा है कि विभागों की लापरवाही के कारण 70 से अधिक सहायक नर्सिंग अधीक्षक (ANS) अपने पद और गरिमा के अनुरूप दायित्व पाने के बजाय साधारण नर्सिंग ऑफिसर के दायित्वों का निर्वहन करने को मजबूर हैं। एक ओर जहां वरिष्ठ और अनुभवी कर्मचारी पदों के अभाव या सही तैनाती न मिलने से उपेक्षित महसूस कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रिक्त पड़े पदों पर नियमानुसार तैनाती नहीं की जा रही है।

​विभागाध्यक्ष पर चहेतों को उपकृत करने का आरोप
​ आरोप है कि मामले ने तूल तब पकड़ा जब कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष द्वारा जारी 12 अक्टूबर 2026 के एक कार्यालय आदेश के तहत 2022 भर्ती के एक कनिष्ठ नर्सिंग ऑफिसर को सीधे आई.सी.यू. (ICU) का इंचार्ज बना दिया गया, जबकि अन्य कनिष्ठों को को-इंचार्ज की जिम्मेदारी सौंप दी गई।
​आरोप है कि विभाग की उप नर्सिंग अधीक्षक (DNS) ने नियमत: इंचार्ज पद के लिए लिखित मांग पत्र प्रेषित किया था, लेकिन विभागाध्यक्ष ने इस चिट्ठी को उच्चाधिकारियों तक पहुंचने ही नहीं दिया। विभागाध्यक्ष का यह कदम न केवल नियम विरुद्ध है, बल्कि अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने की मंशा को भी दर्शाता है।

इस मनमानी शिकायत विभाग के अन्य नर्सिंग ऑफिसरों ने भी विभागाध्यक्ष से दर्ज कराई है।
​”प्रशासन खुद नियम तोड़ेगा तो कर्मचारियों से क्या उम्मीद?”
​नर्सिंग संघ और कर्मचारियों का कहना है कि तैनाती देने का अधिकार विभागाध्यक्ष के पास है ही नहीं। इसके बावजूद नियमों, पात्रता और वरिष्ठता सूची को दरकिनार कर इस तरह के मनमाने आदेश जारी करना विश्वविद्यालय प्रशासन की गरिमा के पूरी तरह प्रतिकूल है। कर्मचारियों का सीधा सवाल है—“यदि शासन और प्रशासन स्वयं बनाए गए नियमों का पालन नहीं करेंगे, तो आम कर्मचारियों से नियमों के तहत काम करने की अपेक्षा कैसे की जा सकती है।

​आदेश निरस्त करने की मांग: कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष द्वारा 12.10.2026 को जारी किए गए गैर-कानूनी आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।
​सख्त हिदायत: विभागाध्यक्ष के खिलाफ कड़े निर्देश जारी किए जाएं ताकि भविष्य में वे नर्सिंग संवर्ग की वरिष्ठता और पात्रता में किसी प्रकार का हस्तक्षेप न कर सकें।

​वरिष्ठता सूची के आधार पर तैनाती: विभिन्न विभागों में खाली पड़े इंचार्ज पदों पर वरिष्ठता सूची (Seniority List) के आधार पर ही सहायक नर्सिंग अधीक्षक/अधीक्षिकाओं (ANS) को तैनात किया जाए, जिससे अस्पताल की व्यवस्था सुचारु रहे और मरीजों के इलाज में कोई बाधा न आए।

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