आगरा। प्रदेश और जापान के बीच औद्योगिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट’ व बिजनेस कॉन्क्लेव के सिलसिले में भारत आए जापानी प्रतिनिधिमंडल ने अपनी यात्रा की शुरुआत आगरा से की। यामानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी और उप-गवर्नर जुनिची इशिदेरा के नेतृत्व में उच्चस्तरीय 240 सदस्यीय दल ने विश्वप्रसिद्ध ताजमहल का दीदार किया।
पारंपरिक ब्रज संस्कृति से भव्य अगवानी
होटल जेपी पैलेस पहुंचने पर उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, पर्यटन महानिदेशक डॉ. वेदपति मिश्र और पुलिस आयुक्त दीपक कुमार समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने विदेशी अतिथियों का रोली-तिलक और पुष्पवर्षा से आत्मीय स्वागत किया। प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में ब्रज के प्रसिद्ध मयूर नृत्य और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं, जिससे जापानी मेहमान अभिभूत नजर आए।
तस्वीरों से ज्यादा जीवंत है ताज: कोटारो नागासाकी
राज्यपाल कोटारो नागासाकी ने अपनी पत्नी के साथ ताजमहल का अवलोकन किया। ताज की वास्तुकला और बारीक पच्चीकारी की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि तस्वीरों में देखने के मुकाबले इसे करीब से देखना एक अद्भुत और अलग अहसास है। वहीं, उप-राज्यपाल जुनिची इशिदेरा ने ब्रज की मेहमाननवाजी की तारीफ की और यामानाशी विश्वविद्यालय के अध्यक्ष काजुहिको नाकामुरा ने यात्रा की सटीक समयबद्धता व उत्कृष्ट व्यवस्थाओं को सराहा।
लखनऊ और पूर्वांचल में पर्यटन व सांस्कृतिक सेतु
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि आगरा इस यात्रा का पहला पड़ाव है। जापानी दल लखनऊ में अवधी आतिथ्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश में सदियों पुराने बौद्ध व आध्यात्मिक रिश्तों का अनुभव करेगा। उत्तर प्रदेश सरकार का प्रयास है कि जापानी पर्यटक प्रदेश को एक समग्र और विविधतापूर्ण पर्यटन केंद्र के रूप में देखें। ताजमहल भ्रमण के पश्चात पर्यटन मंत्री ने गवर्नर को ताज का स्मृति चिह्न (मोमेंटो) भेंट किया।
लखनऊ में आज ‘टूरिज्म राउंडटेबल’ और पूर्वांचल दौरा
आगरा प्रवास के बाद प्रतिनिधिमंडल लखनऊ के लिए रवाना हो गया।
21 अगस्त को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एक बड़े पर्यटन कार्यक्रम का आयोजन होगा। इसमें 50 से अधिक टूर ऑपरेटरों, उद्यमियों और होटल कारोबारियों के साथ उच्चस्तरीय राउंडटेबल बैठक होगी। इस दौरान स्वच्छ ऊर्जा, विनिर्माण, बौद्ध पर्यटन और तकनीकी सहयोग जैसे विषयों पर रणनीतिक चर्चा होगी। इसके पश्चात जापानी दल वाराणसी सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक यात्रा पर प्रस्थान करेगा।












