विहिप लखनऊ पश्चिम ने गुरु अरजन देव जी के शहीदी दिवस पर लगाया कच्ची लस्सी और प्रसाद का भव्य लंगर
लखनऊ। विश्व हिन्दू परिषद (विहिप), लखनऊ पश्चिम द्वारा आज (24 जून 2026, बुधवार) सिक्ख पंथ के पांचवें गुरु, श्री गुरु अरजन देव जी के पावन शहीदी दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सनातन धर्म की रक्षा के लिए गुरु अरजन देव जी द्वारा दिए गए अद्वितीय और अप्रतिम बलिदान की पुण्य स्मृति में गुरु गोविंद सिंह मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए ‘गुरु का प्रसाद’ एवं ‘कच्ची लस्सी’ (ठंडे शरबत) का लंगर लगाया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), अवध प्रांत के विशेष सम्पर्क प्रमुख प्रशांत भाटिया गरिमामयी रूप से उपस्थित रहे।
शास्त्र और शस्त्र का उपयोग धर्मानुकूल: प्रशांत भाटिया
लंगर सेवा के दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्रशांत भाटिया ने अपने ओजस्वी उद्बोधन से देश और धर्म की रक्षा में सिक्ख इतिहास के गौरवशाली पन्नों को रेखांकित किया।
”सिक्ख इतिहास में गुरु अरजन देव जी, गुरु तेग बहादुर जी, गुरु गोविंद सिंह जी और अनगिनत सिक्ख वीरों द्वारा सनातन धर्म की रक्षा के लिए दिया गया बलिदान अतुलनीय है। धर्म की रक्षा के लिए शास्त्र और शस्त्र दोनों का ही उपयोग पूरी तरह से धर्मानुकूल है। जिस पंथ की नींव ही महान बलिदानियों के रक्त और त्याग से रखी गई हो, वह गौरवशाली परंपराएं निश्चित रूप से अनंत काल तक जीवंत रहेंगी।
— प्रशांत भाटिया, विशेष सम्पर्क प्रमुख (RSS, अवध प्रांत)
वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस पुनीत कार्य में उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री आदरणीय सरजीत सिंह डंग ने भी अपनी विशेष उपस्थिति दर्ज कराई। उनके साथ ही विहिप और समाज के कई गणमान्य लोग इस सेवा कार्य का हिस्सा बने, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे:
योगेश शर्मा, अंकुश सूरी,मनोज मिश्रा,पंकज तिवारी,तरनजीत सिंह डंग, गणेश शंकर पवार (जिला प्रचार प्रसार प्रमुख)आदित्य तिवारी,दीपक साहू,वीरेन्द्र अवस्थी
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में विहिप कार्यकर्ताओं और स्थानीय भक्तों ने लंगर में सेवा की और प्रसाद ग्रहण किया।
प्रशासन का मिला सराहनीय सहयोग
आयोजन समिति ने कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन एवं नगर निगम का विशेष आभार व्यक्त किया। समिति के अनुसार, दोनों ही विभागों से अपेक्षा के अनुरूप अधिकतम और सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ, जिससे भीषण गर्मी में राहगीरों और श्रद्धालुओं को सुगमता से शरबत और प्रसाद का वितरण किया जा सका।











