​NEET 2026: पेपर लीक विवाद के बीच भारत में Telegram बैन

0
54

फाउंडर पावेल ड्यूरोव ने रिलायंस पर लगाए गंभीर आरोप

​नई दिल्ली: NEET 2026 की दोबारा होने वाली परीक्षा को निष्पक्ष कराने के लिए भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पेपर लीक मामले के बाद सरकार ने मैसेजिंग ऐप ‘टेलीग्राम’ (Telegram) पर एक हफ्ते के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि, इस फैसले के बाद टेलीग्राम के सीईओ पावेल ड्यूरोव और भारत सरकार के बीच तनाव बढ़ गया है। ड्यूरोव ने सरकार के इस कदम का विरोध करते हुए देश की दिग्गज टेलीकॉम कंपनी रिलायंस पर भी बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।
​”ऐप बैन करना समाधान नहीं” — टेलीग्राम सीईओ
​टेलीग्राम के सीईओ पावेल ड्यूरोव ने ऐप पर लगे बैन को गलत ठहराया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेपर लीक होने की वजह टेलीग्राम नहीं था।

​पावेल ड्यूरोव के मुताबिक:
“ऐप को बैन करना कोई विकल्प नहीं है। लीक हुआ कंटेंट किसी भी अन्य मैसेजिंग या सोशल मीडिया ऐप पर शेयर किया जा सकता है, इसके लिए सिर्फ टेलीग्राम को निशाना बनाना सही नहीं है।”
​रिलायंस पर लगाया ‘इंटरनेट कनेक्टिविटी’ में दखल का आरोप
​पावेल ड्यूरोव ने भारत की दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज पर बेहद सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि रिलायंस न सिर्फ भारत में, बल्कि भारत के बाहर भी टेलीग्राम की सर्विसेज और इंटरनेट कनेक्टिविटी को प्रभावित कर रहा है।
​ड्यूरोव ने इसके पीछे की वजह भी बताई:
​व्हाट्सएप के साथ पार्टनरशिप: ड्यूरोव का दावा है कि रिलायंस की व्हाट्सएप (WhatsApp) के साथ पार्टनरशिप है, और इसी व्यावसायिक हित के चलते टेलीग्राम को निशाना बनाया जा रहा है।

​वैश्विक स्तर पर असर: इस दखल का असर सिर्फ भारतीय यूजर्स पर नहीं, बल्कि भारत के बाहर कई अन्य देशों के टेलीग्राम यूजर्स पर भी पड़ रहा है।
​क्या है ‘BGP हाइजैकिंग’, जिसका ड्यूरोव ने किया जिक्र?
​सीईओ पावेल ड्यूरोव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए तकनीकी कारण साझा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि रिलायंस टेलीग्राम के ट्रैफिक को रोकने के लिए BGP (Border Gateway Protocol) हाइजैकिंग तकनीक का इस्तेमाल कर रही है।

​क्या होती है BGP तकनीक? यह इंटरनेट की एक बुनियादी रूटिंग तकनीक है, जो तय करती है कि इंटरनेट डेटा एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क तक सबसे सही रास्ते से कैसे पहुंचेगा।
​कैसे होता है नुकसान? अगर इस तकनीक के साथ छेड़छाड़ (हाइजैकिंग) की जाए, तो इंटरनेट ट्रैफिक को गलत रास्ते पर मोड़ा या ब्लॉक किया जा सकता है। ड्यूरोव का आरोप है कि इसी तरीके का इस्तेमाल करके टेलीग्राम की पहुंच को बाधित किया जा रहा है।

Previous articleठुकरा के मेरा प्यार’’ सीज़न 2 के ट्रेलर में पावर, पॉलिटिक्स और अधूरी मोहब्बत का खेल . . . प्रीमियर 19 जून को

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here