प्रदेश ने रचा इतिहास, एक दिन में बने 2.75 लाख से भी अधिक आयुष्मान कार्ड

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लखनऊ । उत्तर प्रदेश ने एक दिन में सर्वाधिक आयुष्मान कार्ड बनाने का रिकॉर्ड स्थापित किया है। आयुष्मान भव अभियान के अंतर्गत 17 सितंबर से चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत उत्तर प्रदेश ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। 22 सितंबर को पूरे उत्तर प्रदेश में दो लाख 75 हजार से भी अधिक कार्ड बनाने का कीर्तिमान स्थापित किया है । 22 सितंबर को बनाए गए कार्ड संख्या आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अब तक उत्तर प्रदेश में एक दिन में बनाए गए कार्डों की सर्वाधिक संख्या है। आयुष्मान भव अभियान के अंतर्गत 17 सितंबर से अब तक उत्तर प्रदेश में छह लाख 70 हजार से अधिक कार्ड बनाए गए हैं जो कि पूरे देश में सर्वाधिक है।

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22 सितंबर को बनाए गए कुल कार्ड में से 28 हजार से भी अधिक कार्ड बनाकर सहारनपुर प्रथम स्थान पर रहा । जनपद मेरठ में लगभग 26 हजार कार्ड बनाए गए और वह दूसरे स्थान पर रहा। 23 सितंबर को भी कार्ड बनाने के मामले में उत्तर प्रदेश पूरे देश में प्रथम स्थान पर रहा दोपहर 2:00 बजे तक प्रदेश में एक लाख 12 हजार से भी अधिक कार्ड बनाए जा चुके थे। इस योजना के अंतर्गत अब तक पूरे प्रदेश में तीन करोड़ 9 लाख से भी अधिक कार्ड बनाए जा चुके हैं। केंद्र व राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत अब तक 25 लाख से भी अधिक मरीजों का उपचार हुआ है।

गौरतलब है कि है कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आयुष्मान ऐप के माध्यम से कोई भी पात्र व्यक्ति स्वयं अपना कार्ड बन सकता है । इसके लिए उसे गूगल प्ले स्टोर से आयुष्मान ऐप डाउनलोड करना होगा और मोबाइल पर इसे इंस्टॉल करने के बाद बड़ी आसानी से अपना
आयुष्मान कार्ड बना सकता है। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए सरकार द्वारा स्वयंसेवी संस्थाओं स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं राज्य सरकार के फील्ड स्तरीय कार्मिकों के सहयोग से आयुष्मान कार्ड बनाने की अपील की गई है। कई जनपदों में इसके सुखद परिणाम भी आए हैं जहां स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा आयुष्मान कार्ड बनाने में बढ़ चढ़कर सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

योजनान्तर्गत पात्र लाभार्थी आवश्यकता अनुसार ग्राम पंचायत में तैनात पंचायत सहायक, आशा वर्कर अथवा नजदीकीसूचीबद्ध अस्पताल में तैनात आरोग्य मित्र के माध्यम से भी अपना कार्ड निशुल्क बनवा सकते हैं। योजना के अंतर्गत पात्र परिवार को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाता है। प्रदेश में योजना के लाभार्थियों के उपचार हेतु 3500 से भी अधिक निजी एवं सरकारी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है इन अस्पतालों में सामान्य बीमारियों से लेकर कैंसर, हृदय रोग, अंग प्रत्यारोपण जैसी गंभीर बीमारियों का भी उपचार संभव है।

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