लखनऊ। भविष्य में जीनोम एडिटिंग इतनी अत्याधुनिक हो जाएगी कि लगभग एक दशक के भीतर ही एक मेल स्किन सेल से एक व्यवहार्य मानव अंडा बनाना तकनीकी रूप से संभव हो सकेगा। यह बात फॉग्सी के प्रेसीडेंट डा. ऋ षिकेश पई ने यूपीकॉन 2023 काफ्रेंस में कही। यह तीन दिवसीय काफ्रेंस केजीएमयू के अटल बिहारी वाजपेई साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में चल रही थी। रविवार को इसका समापन होग गया। डा. पई ने कहा कि जापान के वैज्ञानिकों ने इस सफल शोध किया है आैर यह रिसर्च जर्नल नेचर में प्रकाशित भी हो चुकी है। रिसर्च के अनुसार यह प्रयोग चूहों पर सफल रहा है।
दो मेल चूहों के अंडों से एक चूहे को जन्म कराया गया है। इसके बाद यह आगे आने वाले दस वर्षो में तकनीकी रूप से संभव होगा। अगर दो पुरुषों को बच्चें रखने की अनुमति, तो यह मेडिकली सेफ होगा। यह पहली बार है कि जब मेल सेल्स से ऐसे अंडे बनाये जिसमें प्रजनन की क्षमता है।
केजीएमयू के अटल बिहारी वाजपेई साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में रविवार को तीन दिवसीय यूपीकॉन 2023 कान्फ्रेंस का समापन हुआ। कान्फ्रेंस का आयोजन लखनऊ अब्सट्रेक्टस एंड गायनकोलॉजिस्ट सोसाइटी (एलओजीएस) और गायनी एकेडिमक वेलफेयर एसोसिशन की ओर से हुआ। इसमें देश-विदेश से करीब 1200 डॉक्टरों ने शिरकत की। 600 से अधिक स्टाफ नर्स को सामान्य प्रसव के लिए प्रशिक्षित किया गया।
डॉ. प्रीति कुमार ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान अच्छा पोषण महत्वपूर्ण होता है। महिलाओं को थोड़े-थोड़े अंतराल में भोजन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि भोजन में दाल, चावल व रोटी खाएं। साबुत अनाज वाले खाद्य पदार्थ विटामिन और आहारीय फाइबर से भरपूर होते हैं, जो आपको कब्ज से बचाते हैं। साबुत अनाज से बने उत्पादों का चयन करें। इसमें ब्रााउन राइस और आटे की ब्रोड फायदेमंद है। चपाती या पिटा ब्रोड बनाते समय चोकर युक्त गेहूं के आटे फायदेमंद है।










