लखनऊ। मिलावटी ब्लड को बेचने में शामिल मिडलाइफ और नारायणी ब्लड बैंक को खाद्य एवं आैषधि प्रशासन(एफएसडीए) के अधिकारियों ने नोटिस जारी की है। फि लहाल दोनों ब्लड बैंक बंद करा दिये गये है। अधिकारियों का कहना है कि फि लहाल नोटिस के जवाब का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ब्लड यूनिट के ब्लड बैग कहां से आये, इसकी जांच शुरू कर दी गयी है। इसके अलावा जांच रिपोर्ट का आंकलन करने के बाद दोनों ब्लड बैंक का लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है। इसके अलावा बताया जाता है कि इन दोनों ब्लड बैंकों से राजधानी के दो दर्जन से ज्यादा निजी अस्पताल भी ब्लड खरीदते थे, इसकी भी जांच शुरू हो गई है और जल्दी इन पर कार्रवाई संभव है।
एसटीएफ और एफएसडीए ने संयुक्त रूप से दोनों ने छापेमारी के बाद 302 यूनिट ब्ूलड बरामद किया था। पकड़े गये लोगों के अनुसार ब्लड जयपुर से लाया जा रहा था। ड्रग इंस्पेक्टर माधुरी सिंह ने बताया कि दूसरे राज्यों से ब्लड किसी भी राज्य में ले जाया जा सकता है। परन्तु दूसरे राज्यों से ब्लड लाने का गाइडलाइन बनी हुई है, जिसका पालन करना होता है। उन्होंने बताया कि दोनों ब्लड बैंक बंद करा दिए गए हैं।
कल पकड़े गये ब्लड यूनिट बैग पर न तो ब्लड ग्रुप दर्ज था। न ही कोई बारकोड। गत्ते के डिब्बे में रखकर तापमान के मानक की भी धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। जीवनरक्षक ब्लड के रखरखाव की यह हालत देख एफएसडीए के अफसर हैरान रह गये थे। एफएसडीए के अधिकारियों का कहना है कि प्रत्येक ब्लड बैंग के हिसाब से बैग पर बैच नम्बर अंकित होता है। बरामद ब्लड के बैग पर बैच नम्बर दर्ज नहीं था। इससे पूरी व्यवस्था ही सवालों के घेरे में आ गयी है। ब्लड बैग कहां से आए इसकी जांच शुरू कर दी गई है। ब्लड बैंक प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया गया है। जवाब व जांच रिपोर्ट को उच्च अधिकारियों को भेजने के साथ पड़ताल की जाएगी। एफएसडीए के अधिकारियों का कहना है कि जांचके आधार पर ब्लड बैंक का लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है।











