लखनऊ। कोरोना संक्रमण से मरीज तेजी से ठीक हो रहे है, लेकिन ठीक होने के बाद तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें प्रमुख रूप से मरीज को ठीक होने के बाद जल्दी थकान , हड्डियों की कमजोरी व सुस्ती भी प्रमुख रूप से शामिल है। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की ओपीडी में कोरोना से ठीक होने के बाद दिक्कतों को लेकर मरीज पहुंच रहे है।
केजीएमयू के मेडिसिन विभाग व रेस्पेरेट्री विभाग में सबसे ज्यादा मरीज कोरोना से ठीक होने के बाद पहुंच रहे है। रेस्पेरेट्री विभाग ने तो कोरोना से ठीक होने के बाद हो रही दिक्कतों पर अध्ययन भी किया है।
अध्ययन करने वाले विशेषज्ञ डाक्टरों की माने तो कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद शरीर में कैल्शियम, विटामिन-डी व विटामिन-बी 12 की कमी हो जाती है। कोरोना संक्रमण के कारण शरीर में इन तत्वों की कमी बनने लगती है। यहां पर पोस्ट कोविड 32 मरीजों पर अध्ययन किया गया। लगातार नौ महीने चले अध्ययन में मरीजों का चयन पोस्ट कोविड ओपीडी में किया गया है। इन मरीजों की उम्र 20 से 60 वर्ष के बीच रही। विभाग प्रमुख डॉ. सूर्यकांत की माने तो कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके मरीज की कमजोरी दूर नहीं हो रही है। दवाओं के सेवन के बाद भी लगातार सुस्ती बनी रहती है, तो विटामिन-डी, कैल्शियम और विटामिन-बी-3 व बी-12 का टेस्ट कराना चाहिए। उन्होंने बताया कि अध्ययन में शामिल मरीजों की रिपोर्ट में इन तत्वों की कमी मिली। खास बात यह रही कि युवाओं में यह समस्या ज्यादा बनी रही।
बुजुर्गों में सांस लेने में दिक्कत व नींद कम होना की समस्या दिखी, तो युवाओं में नींद ज्यादा आने मिली। मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ डाक्टर व जीरियाटिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डा. कौसर उस्मान का भी मानना है कि कोरोना से ठीक होने के बाद लोगों को कई तरह की शारीरिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा। खास कर डायबिटीज, ब्लड प्रेशर के मरीजों को, इसके अलावा बुजुर्गो में कमजोरी व सांस लेने में दिक्कत लम्बे समय बनी रही। उनका कहना है कि पहले से चली आ रही बीमारियों के बारे में विशेषज्ञ डाक्टर से दोबारा परामर्श लेकर दवाओं को सेवन करें। इसके अलावा पोषक खाद्य पदार्थो को भी सम्हाल कर सेवन करना चाहिए।












