लखनऊ ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम भक्तों को बड़ी सौगात दी है। गोस्वामी तुलसीदास द्वारा 16 वीं शताब्दी से पूर्व शुरू की गई प्राचीन रामलीला का स्वरूप साल 2022 में और भी भव्य होने वाला है। सीएम योगी आदित्यनाथ की पहल पर लखनऊ के ऐशबाग स्थित रामलीला समिति को नई तकनीक के आधुनिक उपकरण से लैस भव्य तुलसी रंगमंच और राम प्रेक्षागृह का तैयार किया जा रहा है। साल 2022 में तुलसी रंगमंच और राम प्रेक्षागृह तैयार हो जाएंगे जिसके बाद दर्शक इस भव्य रंगमंच में सबसे प्राचीन रामलीला का आनंद उठा पाएंगे।
निर्माणाधीन राम प्रेक्षागृह में 800 से अधिक कुर्सियां, आधुनिक उपकरण होंगे वहीं तुलसी रंगमंच में एलईडी वॉल, भव्य स्टेज, आधुनिक साउंड सिस्टम से लैस होगा। इसके साथ ही मानस भवन तैयार हो चुका है। रामलीला समिति के अध्यक्ष हरिश्चन्द्र अग्रवाल ने बताया कि प्रत्येक वर्ष समिति की ओर से विजयादशमी पर आयोजित होने वाली रामलीला को देखने के लिए दूर दूर से श्रीराम भक्त आते हैं। पीएम और सीएम भी यहां की ऐतिहासिक रामलीला का अद्भुत मंचन देख उसकी प्रशंसा कर चुके हैं।
*सीएम योगी ने समिति द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों का लिया संज्ञान*
रामलीला समिति के अध्यक्ष हरिश्चन्द्र अग्रवाल ने बताया कि पिछले चार सालों में दशहरे के अवसर पर समिति की ओर से जिन मुद्दों को उठाया गया उसका संज्ञान लेते हुए योगी सरकार ने कार्य किया है। उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण व लवजिहाद, भ्रष्टाचार, नारी उत्पीड़न, गौ हत्या जैसी कुरीतियों का दहन किया इन सभी मुद्दों पर प्रदेश सरकार ने संज्ञान लेते हुए बड़े कदम उठाए हैं। इस बार धार्मिक अलगाववाद और धर्म परिवर्तन के रावण का दहन किया गया है। मुझे विश्वास है कि ये सरकार इस कुरीति को भी समाज से दूर करेगी।
*ऐसे बनी ऐतिहासिक रामलीला*
वैसे तो ऐशबाग रामलीला समिति की स्थापना 1860 में हुई लेकिन इसका इतिहास तकरीबन 500 वर्ष पुराना है। तुलसीदास जी ने यहां की रामलीला को शुरू किया। रामलीला का मंचन करने के लिए कलाकार देश के कई कोनों से आते हैं। 250 से ज्यादा कलाकार रामलीला में अभिनय करते हैं, जिसमें देश के दूसरे शहरों से 60 नामी कलाकार इस रामलीला में अभिनय करने आते हैं।




