लखनऊ। प्रदेश में योगी सरकार की नीतियों ने कोरोना पर लगाम लगाने में अद्भूत सफलता हासिल की है। इसका ही परिणाम है कि प्रदेश में सोमवार को किसी भी जनपद में कोरोना से किसी एक भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है। कोरोना काल के आरंभ से अब तक पहली बार ऐसा हुआ है जो बीते 24 घंटों में एक भी मौत प्रदेश में कोरोना के कारण नहीं दर्ज की गई है। इसके साथ ही अब तक पूरे प्रदेश मे सबसे कम नए मामले भी सामने आए हैं। सोमवार को जहां प्रदेश में केवल 70 नए मामले सामने आए हैं तो वहीं मंगलवार को 113 नए मामलों की पुष्टि की गई जो पिछले कई महीनों में अब तक के सबसे कम आंकड़ें हैं। बीते 24 घंटों में दर्ज किए गए 113 नए मामले यूपी के 38 जनपदों से सामने आए हैं वहीं प्रदेश के 37 जनपद ऐसे हैं जहां से एक भी कोरोना का नया मामला बीते 24 घंटों में सामने नहीं आया है।
एक ओर 24 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश में 18 करोड़ आबादी तक योगी सरकार की सर्विलांस टीमें पहुंच चुकीं हैं। वहीं दूसरी ओर प्रदेश में सर्वाधिक जांच व टीकाकरण के मामले में भी कई प्रदेशों को पछाड़ यूपी नंबर वन पर काबिज है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देशन में यूपी ने कोरोना के खिलाफ सफलता हासिल की है। सकारात्मक कोविड मैनेजमेंट के साथ कोरोना मुक्त प्रदेश की ओर बढ़ते यूपी के कदम का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश में कोरोना का रिकवरी रेट 98 प्रतिशत हो गया है।
37 जनपदों में कोरोना का एक भी नया केस नहीं आया सामने
सर्वाधिक जनसंख्या वाले उत्तर प्रदेश में 75 जनपदों में से 37 जनपदों में कोरोना का एक भी नया मामला सामने नहीं आया जो अपने आप में योगी सरकार की एक बड़ी सफलता है। इसके साथ ही प्रदेश में अब कोरोना एक्टिव केसों की संख्या 4000 से घटकर महज 3 हजार पहुंच गई है।
प्रचार-प्रसार से बढ़ी प्रदेश में जागरूकता
प्रदेश में कोरोना से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए योगी सरकार की नीतियां कारगर साबित हुई है। योगी सरकार ने प्रदेश में लोगों को कोरोना से बचाव के लिए प्रशिक्षित आशा, आगंनबाड़ी कार्यक्रत्री, एएनएम को शामिल करते हुए सर्विलांस टीमों का गठन किया। डिजिटल इंटरवेंशंस से कोरोना से लड़ने में काफी मदद मिली। होम आइसोलेशन में मरीज की निगरानी के लिए हर जिले में इंटीग्रेटेड कोविड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर बनाया गया। इसके साथ ही प्रदेश में मेरा कोविड केन्द्र एप्लीकेशन लांच किया गया।
कोरोना के खिलाफ यूपी की रणनीति साबित हुई सर्वश्रेष्ठ
कोरोना के खिलाफ यूपी की रणनीति दूसरे प्रदेशों से ज्यादा सफल रही है। मार्च तीन साल 2019 को जब प्रदेश में कोरोना का मामला सामने आया था तो प्रदेश में जांच के लिए एक भी लैब नहीं थी पर योगी सरकार ने इसको एक चुनौती के रूप में लेते हुए प्रदेश में आरटीपीसीआर समेत जांचों के लिए प्रदेश में जाल बिछा दिया। अब तक प्रदेश में दो करोड़ 89 लाख 12 हजार 707 जांचें की जा चुकी हैं। जो देश में किसी भी प्रदेश के सर्वाधिक जांचों के आंकड़ें हैं। यही नहीं, प्रदेश की स्वास्थ्य मशीनरी 18 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच चुकी है ।




