लखनऊ। चिकित्सा शिक्षा विभाग के महानिदेशक डॉ. केके गुप्ता, विशेष सचिव लिम्ब सेंटर का गहन निरीक्षण के दौरान द्विव्यागों को दी जाने वाली सुविधाओं को नजर अंदाज नहीं किया। दरअसल लिंब सेंटर में द्विव्यांगों के लिए सहायक उपकरणों के निर्माण करने वाली एक मात्र कार्यशाला है, जहां पर सहायक उपकरण के अलावा कृत्रिम अंगों को कम शुल्क पर तैयार किया जाता है आैर इसको हटाने का द्विव्यांग लगातार विरोध कर रहे है। कार्यशाला को पहले तो केजीएमयू के जिम्मेदार अधिकारी हटाने के लिए ही शासन का निर्देश बता कर अड़े थे।
परन्तु आज निरीक्षण के दौरान शासन के अधिकारियों ने ही द्विव्यांगों के लिए सहायक उपकरणों के निर्माण करने वाली एक मात्र कार्यशाला को न हटाने का सुझाव दिया। निरीक्षण में शासन के अधिकारियों ने तर्क दिया कि निर्माश कार्यशाला का अलग से रास्ता है। लिहाजा द्विव्यांग उसी रास्ते का इस्तेमाल कर सकते हैं। वहीं कोरोना मरीजों के लिए दूसरा रास्ता प्रयोग कि या जा सकता है। शासन के अधिकारियों ने इस प्रस्ताव में बिन्दुओं को शामिल करने के निर्देश दिए है।












