लखनऊ। चिनहट क्षेत्र के मलेसेमऊ इलाके में तेंदुआ देखे जाने से नागरिकों में दहशत बढ़ती जा रही है। सीसीटीवी में कैद हुए तेंदुए की उपस्थिति मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर जाकर आसपास के इलाके में काम्बिंग की, लेकिन तेंदुए की मौजूदगी स्पष्ट नही हो पाया है। वन विभाग ने नागरिकों में तेंदुए का डर दूर करने के लिए फौरीतौर पर वन सुरक्षा कर्मियों की टीम तैनात कर दी है।
जानकारी के मुताबिक दस आैर ग्यारह फरवरी की रात्रि में मलेसेमऊ के नजदीक बसी कालोनी के अंदर तेदुआं पहुंचा था। 11 की सुबह देखा तो कालोनी के देशी कुत्ते घायल मिले। कई कुत्तों को एक साथ घायल देखकर लोगों को किसी जंगली जानवर के हमले की आशंका हुई। जिन नागरिकों के घर के सामने सीसीटीवी कैरे लगे थे, उन्होंने रात की रिकार्डिंग चेक की तो गौर से देखने पर पता चला कि वह आकृति किसी आैर जानवर की न होकर तेंदुए की ही थी। कालोनी में तेंदुए की घुसपैठ की फैलते ही लोगों में दहशत फैल गयी। सभी लोगों ने अपने पालतू जानवरों के साथ बच्चों को घर में ही सुरक्षित कर लिया।
वन विभाग की टीम ने जाकर क्षेत्र में काम्बिंग की, लेकिन तब तक तेंदुआ कालोनी से दूर जा चुका था। नागरिकों की दहशत दूर करने के लिए मलेसेमऊ में वन सुरक्षा कर्मियों की एक टीम तैनात कर दी है। वनविभाग का मानना है कि मलेसेमऊ से थोड़ी ही दूर आगे गोमती नदी का किनारा है। उसके आगे बाराबंकी जनपद की सीमा शुरू हो जाती है। गोमती का किनारे पर जंगलों से निकलकर तेंदुए के आने की संभावना बनती है। उन्होंने बताया कि बाराबंकी जनपद के गोमती के जंगलों में दो से तीन तेंदुओं की मौजूदगी की जानकारी मिली है।
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