लखनऊ। खून की कमी गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए घातक हो सकती है। बच्चे के मानसिक व शारीरिक विकास पर इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है और अत्याधिक कमी की स्थिति में उसकी मौत भी हो सकती है। प्रदेश सरकार की ओर से चलाए जा रहे एनीमिया मुक्त अभियान में विशेषज्ञों का यही मानना है कि महिलाओं, खासतौर पर गर्भवतियों, को सेहत का खास ध्यान रखना चाहिए ताकि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ रहें।
क्वीन मेरी अस्पताल की डॉ. सुजाता देव ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान खून की कमी होने पर महिला के साथ-साथ गर्भ में पल रहे बच्चे की जिंदगी भी खतरे में आ जाती है। बच्चे का मानक अनुसार विकास नहीं होता है और उसके समय से पहले जन्म लेने और कम वजन का होने का अंदेशा बढ़ जाता है।
डॉ सुजाता का कहना है कि एनेमिक मां का बच्चा भी एनेमिक होता है। इसी प्रकार वीरागंना झलकारी बाई महिला अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधा वर्मा के मुताबिक गर्भावस्था के दौरान एनीमिया ग्रसित होने पर डिलेवरी के समय अत्याधिक ब्लीडिंग हो सकती है। हार्ट अटैक हो सकता है जिससे महिला की मौत भी हो सकती है। उन्होंने बताया गर्भावस्था के दौरान खून की कमी होने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
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