ब्लड बेचने का धंधा, अंदर नही बाहर भी था चंगा

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लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में ब्लड बेचने के गिरोह की जड़े गहरी है। भर्ती मरीज ही नहीं बाहर के मरीजो को भी ब्लड बेच दिया गया। यहां पर एक पेशेंट की यूएचआइडी नंबर पर बहुतों को ब्लड बेचे जाने का खुलासा हुआ है, जबकि हर मरीज की आइडी अलग-अलग होती है। केजीएमयू में डॉक्टरों के फर्जी हस्ताक्षर कर ब्लड दिलाने का गिरोह सक्रिय होने का खुलासा हो चुका है। इस गिरोह के दलालों ने केजीएमयू कर्मियों से मिल कर बिना तीमारदार के भर्ती मरीजों को ब्लड दिलाने के नाम पर लाखों रुपये डकार गये। इसके लिए तीमारदारों से दो-चार हजार रुपये तक वसूले गये। बताया जाता है कि निजी व दूसरे अस्पतालों के मरीजों को ब्लड दिये जाने में भी गड़बड़ी हो सकती है।

यहां पर एक ही मरीज की यूएचआइडी नंबर पर तमाम बाहरी मरीजों को ब्लड दे दिया गया है। ऐसे में शुल्क जमा करने से लेकर ऑनलाइन सिस्टम प्रक्रिया भी शक के दायरे में आ गये है। ब्लड बैंक में करीब चार महीने से ऑनलाइन सिस्टम किया गया। जांच में पता चला कि केजीएमयू के बाहर के अस्पतालों के मरीजों को एक यूएचआइडी नंबर 20190123456 से ब्लड यूनिटें जारी की गयी। अगर देखा जाए तो नियमानुसार हर मरीज का नंबर अलग-अलग होता है। ऐसे में एक नंबर से कई मरीजों को ब्लड जारी होने से शुल्क के साथ-साथ खून में भी धांधली की सम्भावना बन गयी है।

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