लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में प्रतिकुलपति की तलाश नहीं हो पा रही है। वर्चस्व की जंग की दौड़ में नामों का चयन करना केजीएमयू प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर बन गयी है। ऐसे में जल्द प्रति कुलपति का चयन करना मुश्किल होता जा रहा है। केजीएमयू में प्रति कुलपति डा. मधुमति का कार्यकाल हो चुका है। इसके बाद अब नये कुलपति का चयन किया जाना है, परन्तु अभी तक केजीएमयू प्रशासन नये प्रति कुलपति के नाम का चयन नहीं कर पाया है। बताया जाता है कि यहां पर वर्चस्व की जंग में कई नाम ऐसे है जो कि प्रति कुलपति पद का दावा कर चुके है। हर किसी की पहुंच जुगाड़ कराने में महारत हासिल है।
ऐसे में किसी एक नाम का चयन करना केजीएमयू प्रशासन व कुलपति के लिए टेढ़ी खीर हो गया है। दरअसल जब शासन ने प्रति कुलपति पद को सृजित करने की हरी झंडी दी थी। उसके बाद ही केजीएमयू में प्रति कुलपति पद के लिए कई दावेदार हो गये, इस चक्कर में उस वक्त भी छह महीने तक केजीएमयू प्रशासन कोई निर्णय नहीं ले पाया था, लेकिन वरिष्ठ महिला डाक्टर होने के बाद डा. मधुमति को प्रति कुलपति बनाने का कोई विरोध नहीं कर पाया। अब एक बार फिर दावेदारों ने अपनी दावेदारी कर दी है। देखना है कि अब कैसे आैर कम केजीएमयू प्रति कुलपति पद के नाम का चयन कर पाता है।
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