लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रशासन अपने सीनियर की जासूसी करने के आरोपी अवर अभियंता को बचाने में जुट गया है। घटना के दस दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक सिर्फ जांच कराने का दावा किया जा रहा है। जबकि घटना में सीसीटीवी कैमरा व माइक्रोफोन दोनों बरामद हो चुके है। इसके बाद भी कमेटी बना कर जांच कराने का दावा किया जा रहा है।
लगभग दस दिन पहले केजीएमयू के बिजली विभाग में तैनात अधिशासी अभियंता के कमरे से छुपा कर लगाये गये सीसीटीवी कैमरा व माइक्रोफोन को बरामद लगाया गया। जो कि क्रियाशील था आैर उसकी केबल अवर अभियंता के कमरे में गयी हुई थी। अधिशासी अभियंता ने जब कमरे में लगी घंटी को ठीक कराने के लिए लाइन को बुलाया तो सीसीटीवी व माइक्रोफोन लगा होने का खुलासा हुआ। इसकी शिकायत केजीएमयू कुलसचिव से की गयी, तो उन्होंने शाम को घटना की वीडियोग्राफी करा ली आैर अवर अभियंतो को नोटिस दे दी। नोटिस देने के बाद अवर अभियंता ने नोटिस का जवाब भी दे दिया। उधर जांच कराने के लिए कमेटी बना दी गयी।
केजीएमयू में चर्चा इस बात की है कि सीसीटीवी कैमरा व माइक्रोफोन मिलने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गयी। दस दिन बीत जाने के बाद भी अधिशासी अभियंता की जासूसी करने वाले अवर अभियंता पर कार्रवाई नही होने से केजीएमयू की कार्रवाई पर हैरान है। कु ल सचिव राजेश राय का कहना है कि जांच चल रही है। नोटिस का जवाब अवर अभियंता ने दिया है। सोमवार को उसका जवाब देखने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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