लखनऊ – किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के डिपार्टमेंट ऑफ पेरियोडोंटोलॉजी फैकल्टी ऑफ डेंटल साइंसेस द्वारा दो दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न हुई। कार्यशाला के मुख्य आयोजनकर्ता डॉ. अंजनी कुमार पाठक ने बताया कि गाइडेड बोन रीजनरेशन तकनीकि के द्वारा पूर्व समय में गल गई हड्डी को बोनग्राफ्ट डालकर बनाया जाता है। यह विधि बाहर की अपेक्षा केजीएमयू में काफी सस्ती दर पर उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला में कुल 80 डॉक्टर्स ने भाग लिया तथा सभी डॉक्टर्स ने इंप्लांट एवं गाइडेड बोन रिजनरेशन तकनीक की बारिकियां समझी। इस दौरान कुल 15 लाइव ऑपरेशन करके डॉक्टर्स को इस विधि का प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यशाला में मुख्य रूप से डॉ. नंदलाल, डॉ. उमेश वर्मा, डॉ. शालिनी कौशल, डॉ. पवित्र रस्तोगी, डॉ. रामेश्वरी सिंघल, डॉ. लक्ष्य कुमार, डॉ. कमलेश्वर, डॉ. उमाशंकर पाल, डॉ. मयंक आदि ने भी अपने ज्ञान व अनुभव को वहां उपस्थित डॉक्टर्स के साथ साझा किया।
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