लखनऊ – इंडियन सोसाइटी ऑफ क्रोनोमेडिसिन के तीन दिवसीय वार्षिक सम्मेलन में देश-विदेश से करीब 500 डेलीगेट्स भाग लेंगे। यह जानकारी आज किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में फिजियोलॉजी के प्रोफेसर एवं इंडियन सोसाइटी ऑफ क्रोनोमेडिसिन के जनरल सेक्रेटरी प्रो.नरसिंह वर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य क्रोनो-मेडिसिन दैनिक घड़ी यानि की जैव क्रियान्वित घड़ी की एक शाखा है। दैनिक दिनचर्या जो कि प्राकृतिक घड़ी सूर्य और चंद्रमा के अनुसार क्रियान्वित थी आज की कृत्रिम रोशनी और लगातार काम करने के साथ ही रात में जागने एवं देर रात भोजन करने की वजह से बाधित हो गई है।
इसी वजह से आज लोग मेटाबोलिक, डायबिटीज, ब्लडप्रेशर, मोटापा और कैंसर जैसी बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। इसके साथ ही इस तीन दिवसीय समारोह में कब क्या खाएं, कैसे खाएं, कैसे सोएं, कौन सी दवा किस समय ज्यादा असर करती है, बॉडी क्लॉक को कैसे समय पर रखा जाएं ऐसे ही सवालों के जवाब बड़े-बड़े विशेषज्ञों द्वारा दिए जाएंगे। इसके दौरान इस साल की क्रोनोमेडिसिन नेशनल फेलोशिप लखनऊ यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर संगीता रानी, केजीएम.यू. की प्रोफेसर संध्या सिंह एवं ऋषिकेश ऐम्स के प्रोफेसर रविकांत को प्रदान की जाएगी।
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