लखनऊ। नवजात शिशुओं को हो सके तो जल्दी बोतल से दूध न पिलाये। मां को चाहिए कि शिशु को अपना की स्तनपान कराये। कुछ महीनों बाद शिशु को चम्मच से दूध पिलाया जा सकता है, इसके लिए पहले विशेषज्ञ डाक्टर से परामर्श कर दूध पिलाने का सही तरीका पता कर लें। यह बात किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के डिपार्टमेंट ऑफ पेडियाट्रिक एंड प्रेवेंटिव डेंटिस्ट्री के 51 वें स्थापना दिवस समारोह में विभागाध्यक्ष प्रो. आरके चक ने दिया। न्यू डेंटल बिल्डिंग में आयोजित समारोह का उद्घाटन डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. विनीता दास ने किया।
प्रो. चक ने बताया कि बोतल के तरीके से दूध पिलाने से शिशुओं को जबड़े में दिक्कत हो सकती है। उन्होंने कहा कि प्रो. नीरज गुगनानी के नेतृत्व में संपन्न कार्यशाला में दांतो में लगाए जाने वाले क्राउन की तकनीकों पर चर्चा की गई, साथ ही दांतो से जुड़ी तमाम बीमारियों के बारे में बताया गया कि दांतों में होने वाले रोग से किस प्रकार निपटा जाए। कार्यशाला में विभिन्न दंत चिकित्सा संस्थान से 45 स्टूडेंट्स ने भाग लिया। प्रो. चक ने विभाग की प्रगति के बारे में बताया कि 1967 में इस विभाग की स्थापना पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. आरके राय ने की था। पूर्व में यह विभाग ऑर्थोपैडिक विभाग के साथ संयुक्त रूप से चलाया जाता था। उन्होंने बताया कि इसके बाद डॉ. सतीश चन्द्र ने और उसके बाद डॉ. जेएन जायसवाल नेे 16 वर्षों तक इस विभाग का कार्यभार संभाला आैर कई उपलब्धियां हासिल करके विदेशों तक पहचान बनायी। उनके विभाग को बॉयो मेडिकल वेस्ट मेनेजमेंट के लिए एक्सीलेंट अवार्ड से भी समानित किया जा चुका है।
बता दें कि साल 2018 में डॉ. चक को ग्लोबल कॉनक्लेव (यूएसए) की तरफ से एकडेमी ऑफ पेडियाट्रिक डेंटिस्ट्री इंटरनेशनल 2018 के लिए फेलोशिप भी मिली है। इस अवसर पर एमडीएस थर्ड ईयर की छात्रा जांसी को बेस्ट थीसिस अवार्ड से समानित किया गया। जबकि बीडीएस की निदान को दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल प्रदान किया जा चुका है।
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