लखनऊ। तम्बाकू जनित बीमारियों के चलते हर साल १२ लाख लोग दम तोड़ देते हैं। तंबाकू का सेवन करने से ६५ तरह की बीमारियां होती है। जिनमें ४० तरह के केवल कैंसर होते हैं। पूरे प्रदेश में ५ करोड़ लोग तंबाकू जनित रोगों की चपेट में है। यह कहना है केजीएमयू के पल्मोनरी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.सूर्यकांत का । वह शुक्रवार को स्वास्थ्य निदेशालय में राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अन्र्तगत आयोजित ‘राज्य स्तरीय वर्किंग ग्रुप कमेटीÓ की बैठक में लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि तंबाकू की लत १५ साल से लेकर २५ साल के उम्र के युवाओं में शुरू होती है। इस उम्र के युवाओं को ही जागरुक कर तंबाकू के प्रयोग को कम किया जा सकता है।
इसके अलावा उन्होंने सभी सरकारी अस्पतालों में तंबाकू नियंत्रण केंद्र बनाये जाने पर जोर दिया। इस अवसर पर निदेशक स्वास्थ्य डा. सविता भट्ट ने कहा कि भारत तम्बाकू नियंत्रण का अन्तर्राष्ट्रीय संधि के सदस्य देशों में है तथा हम उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं नीतियों में तम्बाकू कम्पनियों के हस्तक्षेप को रोकने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसलिए राज्य स्तर पर विभिन्न विभागों के सहयोग से विभिन्न स्तरों पर कार्यवाहियॉ की जा रही है।
राज्य नोडल अधिकारी डा. आलोक कुमार ने राज्य में राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम अन्तर्गत किये जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रदेश में तम्बाकू से हो रहे नुकसान से बचाने एवं युवाओं का उपयोग आरम्भ करने से रोकने हेतु हर सम्भव प्रयास किये जायेंगे।
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