लखनऊ। प्रत्येक व्यक्ति की संसाधनों, अवसरों, शक्ति आैर जिम्मेदारी तक पहुंच होनी चाहिए, जिससे वह अपने क्षमताओं के अनुसार कार्य कर अपने जीवन में परिवर्तन कर मतभेदों आैर विषमताओं को दूर कर सके। यह बात यशभारती व वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट प्रो. मंसूर हसन ने वल्र्ड बायोथिक्स डे पर किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में दी। आयोजित कार्यक्रम में केजीएमयू कुलपति प्रो. एमएल बी भट्ठ ने भी सम्बोधित किया।
प्रो.हसन ने कहा कि न्याय को समझने के लिए हमें समाज के आधार विचार आदि गुणों मानवीय गुणों जैसे दया, माफ करने के आदि गुणों को सोचना होगा। उन्होंने कहा कि हमे यह जानना आवश्यक है कि सिविल सोसायटी के आधार क्या है। प्रो. हसन ने निष्पक्षता को परिभाषित करते हुए कहा कि इसका तात्पर्य निष्पक्ष, न्यायोचित आैर आधार के गुण से लगाया जा सकता है। केजीएमयू के कुलपति प्रो. एमएल भट्ठी ने कहा कि ईक्विटी के अनुसार सभी को स्वास्थ्य पूर्ण जीवन का आनंद लेने के लिए क्या आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र के संसाधनों को उपभोग करने एक जैसा अधिकार होना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन प्रो. वेकें श ने किया। उन्होंने कहा केजीएमयू को बायोथिक्त का नोडल सेंटर बनाया जा रहा है। कार्यक्रम मे प्रो. शैली अवस्थी, प्रो. वीएस नारायण, प्रो आर के गर्ग आदि वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।




