लखनऊ। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) की ओर से संचालित नॉन क युनिकेबल डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम (एनसीडी) के तहत करीब 10 से अधिक कार्यक्रम संचालित हैं। प्रतिवर्ष भारत सरकार की ओर से योजना पर करोड़ो का बजट अधिकारियों की कारगुजारियों के चलते करोड़ों का बजट खर्च करने के बाद भी अधिकांश कार्यक्रम सालों बाद भी धरातल पर नहीं आ सके। नतीजतन कार्यक्रमों को फाइलों में चलाकर अधिकारी अपने काम की इतिश्री कर रहे हैं, तो बड़े अफसर कागजी आंकड़े दिखाकर खुद अपनी पीठ थपथपा रहे हैं।
वर्ष 2015 से प्रदेश में एनसीडी कंट्रोल प्रोग्राम के तहत संचालित होने वाले प्रमुख कार्यक्रमों में बुजुर्गो का इलाज व उनकी काउंसिलिंग की सुविधा, आयोडीन की वजह से पनपने वाली बीमारियों का इलाज, मोतियाबिंद पीडि़तों का ऑपरेशन व आवश्यक उपचार, त बाकू नियंत्रण कार्यक्रम को प्रभावी तरीके संचालित करना, प्रदेश के फ्ïलोरोसिस प्रभावित क्षेत्रों में पानी की जांच कर, इसकी वजह से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करना शामिल है। इसके साथ ही कार्यक्रम में हीमोफीलिया के मरीजों को आवश्यक फैक्टर उपलब्ध कराना और जनपदीय अस्पतालों में एनसीडी क्लीनिक का संचालन कर गैर संक्रामक बीमारियों का इलाज उपलब्ध कराना शामिल है। लेकिन योजना से जुड़े बड़े अफसर और जि मेदार अधिकारियों के उदासीन रवैया के चलते कार्यक्रमो प्रभावी रूप नहीं ले सके।
राजधानी लखनऊ को छोड़ दें, तो प्रदेश में अधिकांश जनपदों में एनसीडी प्रोग्राम केवल फाइलों में दबकर रह गया है। प्रोग्राम के तहत संचालित कार्यक्रमों जनपदों में सीएमओ लेवल पर केवल कागजों पर दौड़ाया जा रहा है और इन्ही कागजी आंकड़ों को दिखाकर अधिकारी अपनी पीठ खुद थपथपाकर वाहवाही लूटने में लगे हैं।
कयुनिकेबल मेडिसिन विशेषज्ञ को बनाया नॉन क युकेबल का डीजीएम-
एनएचएम के अफसरों ने अपने हितों को साधने के लिए एनसीडी प्रोग्राम के संचालन की जि मेदारी जिन अधिकारियों की गई है, वे दूसरे क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं। इनमें प्रमुख नाम एनसीडी प्रोग्राम के डीजीएम डॉ. अमरेंद्र बहादुर सिंह का नाम भी शामिल हैं। डॉ. सिंह क युनिकेवल मेडिसिन के विशेषज्ञ माने जाते हैं। जबकि अफसरों ने बिना सोच विचार के उनकी विशेषज्ञता के विपरित जि मेदारी दे रखी है।
सिर्फ कागजो पर दौड़ रहे ये कार्यक्रम-
- नेशनल आयोडीन डिवीजिएशन
- अंधता निवारण कार्यक्रम
- एनपीसीडी (त बाकू नियंत्रण)
- नेशनल पैलियाटिक डिफीट (जीरियाट्रिक यूनिट)
- नेशनल फ्ïलोरोसिस प्रोग्राम
- हीमोफीलिया के मरीजों के फैक्टर उपलब्ध कराना
- मेंटल हेल्थ प्रोग्राम