न्यूज डेस्क। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को दावा किया कि उनकी सरकार ने प्रदेश में बिजली आपूर्ति में एकरूपता ला रही है। इससे वीआईपी संस्कृति समाप्त हो गयी है, जबकि पिछली सरकार में सिर्फ पांच जिलों में चौबीसों घंटे बिजली आपूर्ति की जाती थी।
मुख्यमंत्री ने ‘वीआईपी संस्कृति” पर बोलते हुए किसी पार्टी का नाम न लेते हुए कहा कि जो बारी बारी से एक दशक से भी अधिक समय तक प्रदेश में सरकारे सत्तारूढ़ रहीं । इन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के गृह जिलों को चौबीसों घंटे बिजली आपूर्ति होती थी।
मुख्यमंत्री प्रदेश में 936 करोड़ रपये की लागत से 14 विद्युत उप केन्द्रों का लोकार्पण कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सभी 75 जनपदों में बिजली वितरण की समान व्यवस्था लागू करेगी आैर अक्तूबर, 2018 तक सभी क्षेत्र में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लक्ष्य की दिशा में हम बढ़ रहे हैं।”
उन्होंने कहा उज्ज्वला योेजना की तर्ज पर हमारी सरकार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को नि:शुल्क बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराएगी। हमें एक ऐसी व्यवस्था विरासत में मिली थी जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में खराब ट्रांसफार्मरों को बदलने में महीनों आैर शहरी क्षेत्रों में ऐसे ट्रांसफार्मरों को बदलने में कई दिन लग जाते थे। अब लोग एक टोल-फ्र ी नंबर 1912 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 48 घंटे में आैर शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे में ऐसे ट्रांसफार्मर बदल कर लगा दिये जाएंगे। उन्होंने कहा कि बेहतर व्यवस्था के प्रति उनकी सरकार दृढ़ संकल्पित है।




