लखनऊ। बेेसिक शिक्षा परिषद उ.प्र. की लापरवाही के चलते प्रशिक्षु शिक्षक चयन 2011 (72825) भर्ती की चल रही प्रक्रिया एक बार फिर से बाधित हो गयी है। विदित हो कि इस प्रक्र्रिया के रूक जाने से छः माह का प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके प्रदेश के 32 जिलों के लगभग 1100 प्रशिक्षु शिक्षक मौलिक नियुक्ति के लिए बेसिक शिक्षा परिषद लखनऊ व इलाहाबाद मुख्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं । इस सम्बंध मे आज सैकड.ों की संख्या में प्रशिक्षु शिक्षकों ने इलाहाबाद में सचिव बेसिक शिक्षा संजय सिन्हा से मिलकर उनको एक ज्ञापन सौंपा है,जिसमें बेसिक शिक्षा परिषद से मौलिक नियुक्ति पत्र जारी किये जाने की मांग की गयी है।
इस सम्बंध में प्रशिक्षु शिक्षकों का कहना है कि, प्रशिक्षु शिक्षक चयन 2011 (72825) के तहत ग्यारहवें दौर की काउन्सिलिंग में 32 जिलों के लगभग 1100 प्रशिक्षु शिक्षकों का चयन किया गया था जो कि अपना तीन माह का क्रियात्मक व तीन माह का सैद्धान्तिक प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके है। प्रशिक्षु शिक्षकों का कहना है कि छः माह के निर्धारित प्रशिक्षण को पूर्ण करने केे बाद 20 व 21 मार्च 2017 को प्रशिक्षणोपरांत होने वाली परीक्षा का आयोजन किया गया था जिसका परीक्षा परिणाम भी काफी समय पहले ही घोषित किया जा चुका है लेकिन उसके बावजूद अभी तक बेसिक क्षिक्षा परिषद द्वारा इन प्रशिक्षु शिक्षकों की मौलिक नियुक्ति के लिए न तो नियुक्ति पत्र जारी किये गये हैं और न ही इस सम्बंध में कोई जानकारी दी जा रही है।
प्रशिक्षण पूरा होने व परीक्षा परिणाम आ जाने के बाद भी नही हो पा रही समय से नियुक्ति :
विदित हो कि प्रदेश की नयी नवेली सरकार के मुखिया योगी जी ने अपने कई भाषणों मंे शिक्षा सत्र के नियमित होने व कम से कम 220 दिन पढाई कराये जाने की बात कही है लेकिन हैरानी की बात है कि बेसिक शिक्षा परिषद के अधिकारियों पर इस बात का कोई असर नही हो रहा हैें। मौलिक नियुक्ति के लिए भटक रहे प्रशिक्षुु शिक्षकों के मुताबिक अधिकारियों का कहना है कि नई सरकार बनने के बाद से अभी तक नियुक्ति को लेकर उन्हे काई शासनादेश प्राप्त नही हुए हैं।