बिना विकल्प भारी संख्या में स्थानांतरण माननीय मुख्यमंत्री जी की नीतियों के विरुद्ध – सुनील यादव
- *पहले हुए पटल परिवर्तन, फिर हुए ट्रान्सफर
लखनऊ। स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर हुए अनियमित स्थानांतरण के कारण विभाग में असंतोष के साथ चिकित्सालयों के कार्य प्रभावित होंगे ।
फार्मेसिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि मामला संज्ञान में आने पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद द्वारा महानिदेशक से मिलकर अनियमितताओं की जानकारी दी गयी ।
ऐसी सूचना मिली है कि जनपदों से प्राप्त प्रत्यावेदन को निस्तारित करने के स्थान पर उसे शासन को भेज दिया गया है, वहीं जनपदों के अधिकारी कर्मचारियों को कार्यमुक्त कर रहे हैं । जिससे विषम स्थिति बन गई है, इसलिए परिषद ने 14जुलाई को स्वास्थ्य महानिदेशालय का घेराव करने की घोषणा की है, जिसमे प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के फार्मेसिस्ट के साथ ही अन्य विभागों और अन्य विधाओं के पदाधिकारी प्रतिनिधि भी भागीदारी करेंगे । इस हेतु विस्तृत रणनीति तैयार की जा रही है ।
सुनील यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा था कि विभागों में आवश्यक स्थानांतरण विकल्प लेकर किये जायें जिससे कर्मियों में भी आक्रोश ना हो साथ ही जनहित प्रभावित ना हो तथा भ्रष्टाचार व्याप्त ना हो । लेकिन स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर पैरामेडिकल के सभी वर्गों के स्थानांतरण की लिस्ट जल्दबाजी में बनाई गई है । विभाग में एक साथ कई हजार चिकित्सक और पैरामेडिकल कर्मियों के स्थानांतरण से विभाग का कार्य प्रभावित होगा । जनपदों में पहले पटल परिवर्तन फिर उन्हीं के ट्रान्सफर भी कर दिए गए ।
विशेषज्ञ फोरेंसिक फार्मेसिस्ट, जिन्हे मेडिकल कॉलेज से 6माह का प्रशिक्षण कराकर पोस्ट मार्टम हाउस में तैनात किया गया। उन्हें भी हटा दिया गया।
विकल्प किसी भी कार्मिक से नही लिया गया, वहीं दिव्यांग, आश्रित दिव्यांग, 2 वर्ष में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों , दाम्पत्य नीति, पदाधिकारियों के नीति के विरुद्ध स्थानांतरण हुए हैं ।
फेडरेशन ने कहा कि जिन फार्मेसिस्टो ने स्थानांतरण का अनुरोध किया था । उन्हें प्राथमिकता नहीं मिली । अनेक कर्मी गंभीर बीमारी आदि के कारण पिछले 2 वर्षों से स्थानांतरण चाह रहे है लेकिन उनके आवेदनों पर कार्यवाही नही हुई ।
फेडरेशन के संयोजक के के सचान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जेपी नायक, उपाध्यक्ष ओपी सिंह राजेश सिंह महामंत्री अशोक कुमार, सचिव जी सी दुबे ने माननीय मुख्यमंत्री जी से हस्तक्षेप कर अनियमित स्थानांतरण को निरस्त करने की मांग की है ।




