लखनऊ।। राजधानी की सबसे प्राचीन रामलीला कही जाने वाली ऐशबाग रामलीला ग्राउंड में रावण दहन खास होगा। यहां पर बनाया गया 121 फिट का सबसे लम्बा रावण पाकिस्तान आतंकवाद आैर प्लास्टिक बैन की थीम पर बनाया गया है। इस अवसर पर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के अलावा राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र भी शामिल होंगे। इसके साथ ही प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा, कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक, नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन तथा महापौर संयुक्ता भाटिया भी शामिल होगी। इस अवसर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये है। सुरक्षा में खास बात यह होगी कि ड्रोन कैमरा भी निगरानी करके संदिग्ध लोगों पर नजर रखेगा।
इसके अलावा दशहरा के दिन बुराई पर अच्छाई की जीत के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए इस बार रावण मेघनाद के पुतलों में प्लास्टिक व तेज आवाज के पटाखों का प्रयोग भी कम करके कोशिश की गयी है। ऐशबाग में सबसे बड़ा 121 फिट का रावण का पुतला का दहन होगा । इसके अलावा ज्यादातर स्थानों पर 51 से 32 फिट तक के पुतलों को निर्माण किया गया है।
ऐशबाग रामलीला मैदान परिसर में इस बार रावण, मेघनाद व कुम्भकरण के पुतलों का दहन रात नौ बजे कि या जाएगा। ऐशबाग रामलीला समिति के संयोजक हरिश्चन्द्र अग्रवाल बताते है कि रावण का पुतला 121 फिट, मेघनाद का 51 व कुम्भकरण का कद 61 फिट का होगा। उन्होंने बताया कि आतिशबाजी के तैयार कराने में करीब दो से तीन लाख रुपये का खर्च आया है। पुतलों में खास यह है कि पाकिस्तानी आतंकवाद अौर प्लास्टिक बैन की थीम रखी गयी है। जो कि पर्यावरण संरक्षण का भी मैसेज देती है।
श्री गुरुचरण लाल रौनियार वैश्य रामलीला समिति सदर में इस बार उनके यहां सिर्फ रावण का पुतला ही जलाया जाएगा। आयोजक का कहना है कि मंहगाई के कारण पुतलों का निर्माण भी कठिन है आैर इसके अलावा ध्वनि व वायु प्रदूषण कम करने का संदेश रहेगा। इसी तरह रानीगंज रामलीला में रावण का कद 50 फिट का दहन किया जाएगा। मौसमगंज की रामलीला में रावण पुतला का दहन के लेकर संकट गहराया गया है। समिति के अध्यक्ष घनश्याम अग्रवाल गुड्डा ने बताया कि अग्रसेन घाट पर किये जाने वाला मेला जलभराव होने के कारण अब झूलेलाल घाट पर शाम छह बजे होगा। अलीगंज दशहरा मेला का आयोजन इस बार लगातार मंगलवार को किया जा रहा है।
रामलीला व दशहरा मेले के आयोजन की जानकारी देते हुए श्री बाल संघ विजय दशमी समिति के संस्थापक आनन्दी लाल गुप्ता ने बताया कि ट्रांस गोमती क्षेत्र का यह सबसे पुराना मेला है और इसकी अलग पहचान है। उनका कहना है कि इस रामलीला की शुरूआत बाल कलाकारों द्वारा की गयी थी जो आज भी अनवरत रूप से जारी है। मेलें में इस बार होने वाले प्रमुख आयोजन के बारे में प्रबंधक हीरालाल गुप्ता ने बताया कि मेले का मुख्य आकर्षण जवाबी आतिशबाजी होगी। यहां पर रावण दहन रात नौ बजे किया जाएगा।
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