सरदार पटेल कॉलेज ऑफ नर्सिंग के विद्यार्थियों की पहल
लखनऊ। किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसे गंभीर रोग से बचाने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक सराहनीय पहल की गई है। सरदार पटेल कॉलेज ऑफ नर्सिंग (रायबरेली रोड, लखनऊ) के बीएससी नर्सिंग चतुर्थ वर्ष के ‘रिसर्च ग्रुप 4’ के विद्यार्थियों ने सरोजनी नगर स्थित क्रिएटिव कॉन्वेंट स्कूल, शांति नगर में ‘एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन जागरूकता कार्यक्रम’ का आयोजन किया।
एचपीवी संक्रमण और सर्वाइकल कैंसर पर दी गई जानकारी
जागरूकता अभियान के दौरान कक्षा 7 और 8 के छात्र-छात्राओं को एचपीवी संक्रमण, इसके संभावित खतरों और सर्वाइकल कैंसर से इसके सीधे संबंध के बारे में विस्तार से समझाया गया।
नर्सिंग विद्यार्थियों ने सरल और सहज भाषा में जानकारी देते हुए बताया कि:
समय पर टीकाकरण: किशोरावस्था में एचपीवी वैक्सीन लगवाने से भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
भ्रांतियों का निवारण: टीकाकरण को लेकर समाज में फैली गलत धारणाओं को दूर करना और सही डॉक्टरी सलाह का पालन करना बेहद जरूरी है।
स्वास्थ्य संवाद: कार्यक्रम के अंत में एक प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जहाँ विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासाएँ रखीं और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त किए।
मार्गदर्शन और टीम का योगदान
इस विशेष जागरूकता कार्यक्रम का सफल मार्गदर्शन सिमरन खोखर मैम द्वारा किया गया। वहीं, ‘रिसर्च ग्रुप 4’ के सदस्य सुभांशु राज, अंशिका पांडेय, आशुतोष मौर्य, साक्षी सिंह और विवेक यादव ने कार्यक्रम के आयोजन और संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई।
सभी नर्सिंग विद्यार्थियों ने अपने शैक्षणिक ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग करते हुए समाज को एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संदेश दिया।
विद्यालय प्रशासन का मिला सराहनीय सहयोग
क्रिएटिव कॉन्वेंट स्कूल के प्रधानाचार्य श्री योगेंद्र सचान सर ने नर्सिंग विद्यार्थियों के इस प्रयास की सराहना की और उन्हें विद्यालय में यह कार्यक्रम आयोजित करने का अवसर प्रदान किया।
रिसर्च ग्रुप 4 का संदेश:
“किशोरावस्था में दी गई सही जानकारी, समय पर टीकाकरण और स्वास्थ्य के प्रति सजगता ही एक सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव है। हम विद्यालय प्रशासन के आभारी हैं जिन्होंने हमें यह अवसर दिया।”
यह कार्यक्रम समाज में किशोरावस्था स्वास्थ्य शिक्षा के महत्व को रेखांकित करने की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हुआ।











