बॉन्ड डॉक्टरो ने ‘समान कार्य, समान वेतन’ की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू

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बॉन्ड डॉक्टरों का फूटा गुस्सा

​लखनऊ। वेतन विसंगति (Salary Discrepancy) को लेकर बॉन्ड के तहत तैनात डॉक्टरों का आक्रोश आखिरकार सड़क पर आ गया है। सोमवार को डॉक्टरों ने मुंह पर पट्टी बांधकर और हाथों में तख्तियां लेकर हजरतगंज स्थित जीपीओ पार्क पर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को ज्ञापन सौंपकर डॉक्टरों ने दो टूक ‘समान कार्य, समान वेतन’ की मांग उठाई है।

​क्यों भड़के हैं बॉन्ड डॉक्टर?
​सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों (Medical Colleges) और सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC/PHC) पर तैनात बॉन्ड डॉक्टरों के बीच वेतन में भारी अंतर है:
​सीएचसी/पीएचसी के डॉक्टर: लगभग 50,000 से 65,000 रुपये प्रतिमाह।
​मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टर: 1,00,000 रुपये या उससे अधिक प्रतिमाह।

​डॉक्टरों का कहना है कि उनकी एमबीबीएस डिग्री, बॉन्ड अवधि और भर्ती प्रक्रिया बिल्कुल समान है, इसके बावजूद वेतन में यह बड़ा भेदभाव समझ से परे है।
​शासन के आश्वासन के बाद भी नहीं निकला नतीजा
​आंदोलित डॉक्टरों के अनुसार, गत 2 सितंबर 2026 को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने इस संबंध में जल्द शासनादेश (Government Order) जारी करने का आश्वासन दिया था। यह शासनादेश 3 सितंबर तक जारी होना था, लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी कोई आदेश जारी नहीं हुआ।

​मरीजों के हित में दी थी ड्यूटी, अब आर-पार की लड़ाई
​डॉक्टरों का कहना है कि उन्होंने लंबे समय तक वेतन विसंगति झेलने के बावजूद मरीजों के हितों को प्राथमिकता दी और अपनी ड्यूटी जारी रखी। अधिकारियों से लगातार मुलाकात और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने के बाद भी उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिले। ठोस समाधान न मिलने के कारण अब डॉक्टरों में भारी आक्रोश है और उन्होंने अपनी मांग पूरी होने तक कार्य बहिष्कार पर डटे रहने का निर्णय लिया है।

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