लखनऊ। उत्तर प्रदेश का बेसिक शिक्षा विभाग अब प्री-प्राइमरी (बालवाटिका) के बच्चों की नींव मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रहा है। 3 से 6 साल तक के बच्चों के लिए न सिर्फ ‘समग्र रिपोर्ट कार्ड’ जारी किया जाएगा, बल्कि क्लास में उनकी कम से कम 70 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर रहेगा।
सेहत और पढ़ाई का पूरा लेखा-जोखा
नए समग्र रिपोर्ट कार्ड में बच्चों की केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि उनके शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक विकास और अन्य गतिविधियों का पूरा ब्यौरा दर्ज होगा। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को कक्षा-1 में प्रवेश से पहले पूरी तरह तैयार करना है।
आंगनबाड़ी केंद्रों का प्राथमिक विद्यालयों में विलय
योजना के तहत परिषदीय (सरकारी) प्राथमिक विद्यालयों के 200 मीटर के दायरे में चल रहे ऐसे आंगनबाड़ी केंद्र, जो किसी गैर-विभागीय या निजी भवन में स्थित हैं, उन्हें अब सीधे स्कूल परिसर में ही स्थानांतरित किया जाएगा।
मुख्य प्राथमिकताएं और आगामी रणनीति
नामांकन और संसाधन: प्री-प्राइमरी स्तर पर दाखिले बढ़ाने के साथ-साथ बालवाटिकाओं में जरूरी पठन-पाठन सामग्री और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
जागरूकता अभियान: अभिभावकों को प्री-प्राइमरी शिक्षा का महत्व समझाने के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
शिक्षक प्रशिक्षण: बच्चों को आधुनिक और खेल-खेल में पढ़ाने के तरीकों से लैस करने के लिए शिक्षकों के क्षमता संवर्धन (कैपेसिटी बिल्डिंग) वर्कशॉप आयोजित होंगे।




