यहां मेहनत रंग लायी, बच्चे का बना प्रदेश का पहला मैकेनिकल फंक्शनल हैंड

0
406

लखनऊ। प्रदेश में छोटे बच्चे का पहली बार कोहनी से ऊपर का बाडी पावर्ड मैकेनिकल फक्शनल हैंड बनाने में किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के लिम्ब सेंटर ने कामयाबी हासिल की है। कृत्रिम अंग निर्माण कार्यशाला में सीनियर प्रास्थेटिस्ट शगुन व कार्यशाला प्रबधंक अरविंद निगम की देखरेख में यह फंक्शनल हैंड को तैयार किया गया है। इसकी खासियत यह है कि बच्चा पानी के गिलास को भी उठा कर पानी पी सकता है आैर इसकी कीमत बाजार में बिकने वाले इस हैंड बहुत कम आयी है। फिलहाल सेंटर में बच्चे को स्थापना दिवस पर निशुल्क इस हैंड को दिया जा रहा है।
विभाग प्रमुख डा. अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि कृत्रिम अंग कार्यशाला में लगातार अत्याधुनिक अंग बनाने में प्रयोग किये जा रहे है। इसमें कामयाबी भी मिल रही है।

सीनियर प्रास्थेटिस्ट शगुन ने बताया कि कोहनी से ऊ पर का बाडी पावर्ड मैकेनिकल फंक्शनल हैंड बनाने में कामयाबी पायी है। यह प्रदेश में पहला इतनी कम कीमत में छोटे बच्चे बनने वाला फक्शनल हैंड भी कहा जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस मैकेनिकल हैंड में कुछ विशेष प्रकार टर्मिनल लगे है, जो कि हाथ को कोहनी से मोड़ने के बाद पंजे को क्रियाशील भी कर सकता है। यहां तक बच्चा गिलास या अन्य कोई सामान को उठा भी सकता है। इसमें थर्मो सेंटिग प्लास्टिक का प्रयोग किया गया है। उन्होंने बताया कि इस हैंंड में मामूली फेरबदल करके बच्चा दस वर्ष तक इस मैकेनिकल हैंड का प्रयोग कर सकता है।

इसके बाद ही इसको बदला जा सकता है। कार्यशाला प्रबंधक अरविंद निगम ने बताया कि मैकेनिकल हैंड के निर्माण में पांच हजार सात सौ रुपये में तैयार किया गया है,जब कि बाजार में क म्पनियों के द्वारा बेचे जा रहे इस हैंड की कीमत लगभग अस्सी हजार रुपये तक आती है। फिलहाल इस हैंड को स्थापना दिवस में एक गरीब छह वर्षीय बच्चे को निशुल्क दिया जा रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here