यहां बच्चे के कटे पैर को भी इलाज देने में लापरवाही का आरोप

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लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रॉमा सेंटर में बुधवार सुबह ट्रेन की चपेट में आने से पैर गंवा चुके लावारिस बच्चा इलाज के लिए लाया गया।  यहां कैजुल्टी में मरहम पट्टïी करने बाद उसे बाहर कर दिया गया। करीब चार घंटे तक बच्चा स्ट्रेचर पर लावारिस पड़ा रहा और उसे कोई वरिष्ठ डॉक्टर देखने नहीं आया। ऐसे में उसकी हालत बिगड़ गई। लोगों ने शिकायत कैजुल्टी में जाकर किया इसके बाद भी कोई भी डॉक्टर उसे इलाज के लिए आगे नहीं भेजा. ट्रामा सेंटर प्रभारी डॉक्टर हैदर अब्बास का कहना है बच्चे का इलाज किया गया और उसकी सर्जरी भी की जानी है.

इलाज में कहीं भी लापरवाही नहीं बरती गई है. बताते हैं कि चारबाग स्टेशन पास रहने वाला लकी (10) स्टेशन परिसर में ट्रेन में चढ़कर पान मसाला बेंचता था। बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे वह चलती ट्रेन पर चढ़ रहा था तभी उसका संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रेन के पहिए के नीचे आ गया। इससे उसका दाहिना पैर कट गया। आस पास मौजूद लोगों ने उसे उठाकर रेलवे हास्पिटल ले गए। जहां से उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। सुबह करीब साढ़े नौ बजे करीब बच्चे को कैजुल्टी में रेजीडेंट डॉक्टरों ने देखकर पट्टïी करके ड्रिप लगाकर बाहर कर दिया।

बच्चा करीब चार घंटे तक स्ट्रेचर पर पड़ा तड़पता रहा। कोई भी डॉक्टर उसे देखने नहीं आया। नाराज लोगों ने इसकी शिकायत ट्रॉमा सेंटर प्रभारी कार्यालय में जाकर की। इसके बाद उसे सर्जरी विभाग में उपचार के लिए भेजा गया।

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