राज्यपाल ने किया रामलीला वेबसाइट का उद्घाटन

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लखनऊ – उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि रामायण एक अद्भुत ग्रंथ है। इसे लोग कथा, गीत, प्रवचन, कहानी तथा अन्य किसी न किसी रूप में प्रदर्शित कर आनन्दित होते हैं। राम कथा सुनना तथा देखना सागर में डुबकी लगाने जैसा होता है। यह अत्यन्त प्रसंशनीय है कि यहां के कलाकार लगातार दस दिनों तक कुशलतापूर्वक रामलीला का मंचन कर सभी का मनोरंजन करते हैं। कलाकारों को इसके लिए बधाई।

नाईक शुक्रवार को ऐशबाग, लखनऊ में आयोजित दशहरा महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। नाईक ने कहा कि रामायण के बारे में दुनिया में सबसे अधिक लिखा गया है। राम के बचपन से लेकर अन्त तक अनेकों कथाएं हैं। उन्होंने कहा कि जब प्रचीन काल में समुद्र के पार जाना अशुभ माना जाता था, तब भी इनकी कथाएं इण्डोनेशिया, श्रीलंका तथा थाइलैण्ड जैसे अन्य देशों में बिना संचार एवं संसाधन के पहुंचना अद्भुत है।

राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जनभावनाओं का सम्मान एवं उनकी मांग को पूरा करते हुए इलाहाबाद के नाम को बदल कर प्रयागराज किया है। उन्होंने कहा कि मैंने लोकसभा में बम्बई के नाम को उसके प्राचीन नाम मुंबा देवी के नाम पर मुंबई के प्रस्ताव को रखा था, जिसे सर्वसम्मति से माना गया था। नाईक ने कहा कि नाम तो नाम होते हैं इसे परिवर्तित नहीं किया जा सकता है। वह प्रत्येक भाषा में अपने मूल रूप में ही होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कोलकाता, मुंबई, मद्रास, बंगलूरू और त्रिवेन्द्रम के नामों को वहां की जनभावनाओं को देखते हुए परिवर्तित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि मैने मुंबई, दिल्ली तथा अन्य जगहों पर आयोजित रामलीला देखी है, परन्तु यहां की रामलीला सर्वश्रेष्ठ है। यहां के कलाकारों द्वारा रामलीला का बेहतर तरीके से मंचन किया जाता है।
इससे पूर्व नाईक ने रामलीला की वेबसाइट का शुभारम्भ किया। ऐशबाग की रामलीला को अब वेबसाइट पर भी देखा जा सकेगा।

बिहार के राज्यपाल लालजी टण्डन ने कहा कि रामलीला आयोजन समिति ऐशबाग पुरानी परम्परा को जीवित रखे हुए ह,ै इसके लिए सभी लोगां को बधाई। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ0 दिनेश शर्मा ने कहा कि ऐशबाग की रामलीला ऐतिहासिक है। इसका आयोजन गोस्वामी तुलसीदास के शिष्यों ने 16वीं शताब्दी में शुरू किया था, जो आज देश की आधुनिकतम रामलीला बन चुकी है।

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