पदमश्री प्रोफ़ेसर रविकांत की मेहनत ने काया पलट दी एम्स ऋषिकेश की

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न्यूज़। वर्तमान एम्स ऋषिकेश संस्थान के निदेशक पदमश्री प्रो रविकांत की अथक मेहनत की परिणिति है। ऐसा नही है कि यह संस्थान एकाएक दो चार दिन मे खड़ा हो गया हो, इसके लिये लगभग पौने दो साल दिनरात दशरथ माँझी की तरह अथक प्रयास किये गये है। एक समय था जब शाम पांच बजते ही संस्थान मे इमरजेंसी सेवा तक नही मिल पाती थी।

हालात यह थे कि यहाँ का स्टाफ भी स्वय के उपचार के लिये बाहर जाता था। प्रो रविकांत के आने से पूर्व लगभग मात्र सौ बैड यहाँ मरीजो के लिये चलते थे, इमर्जेंसी सेवा शाम तक ही थी, विशेषज्ञ विभाग तो छोड़ो संस्थान मे गैस्ट्रो, युरोलोजी, न्यूरोलोजी जैसी मूलभूत सुविधाओ के विभाग तक नही थे। 15अप्रैल 2017 मे जैसे ही प्रो रविकांत को संस्थान के निदेशक का कार्यभार दिया गया उस समय उनके सामने सबसे पहले एम्स जैसी प्रतिष्ठित साख को खड़ा करना था।

इसके लिये मरीजो मे विश्वास स्थापित करना पहली प्रथमिकता थी। उन्होने आते ही 24*7 इमरजेंसी सेवाएं शुरू की। तुरंत ही नई फैकल्टी को संस्थान मे नियुक्त कर नये स्पेशलिस्ट विभाग खोलना शुरू किया गया। इसी के साथ नये एम्स को तैयार करने का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया गया। नये विभाग खोले गये, नई तकनीक के लिये नई नई मशीने संस्थान मे लाई गईं, विशेषज्ञो की भर्ती की गई। इसके बाद संस्थान ने पीछे नही देखा।

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