पेट्रोल पंप मालिकों पर दर्ज होगी एफआईआर

202 पंपों की जांच में 49 पंपों पर पकड़ी गई थी तेल चोरी, नौ पंप मालिकों खिलाफ एसटीएफ पहले ही दर्ज चुकी है रिपोर्ट

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लखनऊ। पंपों पर घटतौली का खुलासा करने वाली एसटीएफ को भले ही सरकार की तरफ से हौसला अफजाई न मिली हो। लेकिन हाईकोर्ट ने एसटीएफ के इस गुडवर्क को खासा तवज्जो दिया है। यही वजह है कि पंपों पर घटतौली को लेकर हाईकोर्ट ने सरकार को पंप मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। ऐसे में न चाहते हुए सरकार अब पंप मालिकों पर नकेल कसने को मजबूर है।

एसटीएफ ने प्रदेश भर के पंपों पर घटतौली किए जाने का भांडाफोड़ करते हुए 23 लोगों को गिर तार किया था। जबकि नौ पंप मालिकों पर एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद एसटीएफ की जांच आगे बढ़ी और पंपों पर घटतौली करने वाली डिवाइस को बनाने व सप्लाई करने वाले मास्टर माइंड को भी दबोच लिया। इस दौरान एसटीएफ ने 202 पंपों की जांच कर 49 पंपों पर तेल चोरी पकड़ी थी और शासन को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। शासन ने पंप मालिकों के आगे अपने गुठने टेकते हुए एसटीएफ से जांच ले ली थी।

लेकिन प्रदेश भर में तेल चोरी के इस काले कारोबार पर हाईकोर्ट खासा स त दिखा और मामले की जांच से एसटीएफ को हटाए जाने को लेकर पहले सरकार को फटकार लगाई। तब जाकर शासन ने एसटीएफ को दोबारा जांच के आदेश दिए। वहीं अब हाईकोर्ट ने एक बार फिर तेल चोरी के मामले में पकड़े गए पंप मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद ने जारी किया शासनादेश

प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद ने शासनादेश जारी कर माननीय हाईकोर्ट के आदेश का पालन करने का फरमान सुनाया है। उन्होंने आदेश दिया है कि प्रदेश के सभी कमिश्नर अपने-अपने मंडलों के पेट्रोल पंपों की 30 जून तक जांच पूरी कराएं। कोई गड़बड़ी मिलने पर जिलाधिकारी, तेल कंपनी और सरकार को रिपोर्ट सौंपे।

रद्द होगा लाइसेंस

प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद ने साफ तौर पर कहा है कि तेल की चोरी करने वाले पंप मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के साथ ही उनका लाइसेंस भी रद्द किया जाएगा।

छूट मिली तो कई पंप मालिक आएंगे शिकंजे में

विभागीय सूत्रों का कहना है कि घटतौली के मामले में अगर एसटीएफ टीम को छूट मिल गई तो कई और भी पंप मालिक शिकंजे में आ सकते हैं। कारण है कि प्रदेश भर में घटतौली का खेल बड़े पैमाने पर खेला जा रहा था। यही वजह भी थी कि इतने बड़े खुलासे के बावजूद एसटीएफ से जांच छीन ली गई थी।

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