नियमित मालिश दिलायेगी कई रोगों से निजात – डॉ. योगेश मान्ध्यान

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लखनऊ – हड्डियों को मजबूत करने के लिये मालिश बहुत जरूरी है बचपन में यूँ तो हर बच्चे की मालिश होती है परन्तु बड़े होने के साथ-साथ हम मालिश करवाना बंद कर देते है। मालिश करना एक आयुर्वेदिक प्रक्रिया है इससे हमारे पूरे शरीर में खून का दौरा बढ़ जाता है और पाचन शक्ति तेज हो जाती है, पेट साफ रहता है तथा आंते, दिल, फेफड़े और यकृत आदि शक्तिवान हो जाते है। मालिश करवाने से बहुत से पुराने रोग जैसे कि अपच, वायु पित्त विकार, बवासीर, अनिद्रा, उच्च रक्तचाप आदि रोगों में फायदा मिलता है। मालिश चक्रों के आधार पर होती है मनुष्य के शरीर में कुल मिलाकर 114 चक्र हैं। वैसे तो शरीर में इससे कहीं ज्यादा चक्र हैं, लेकिन इनमें 114 चक्र मुख्य हैं। यही चक्र हमारे शरीर को संतुलित रखते है।

अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशेयाल्टी हाँस्पिटल के फिजियोथेरेपी विभाग के प्रमुख फिजियो डॉ योगेश मान्ध्यान ने कहा कि ’मालिश करवाते समय हमको ये ध्यान रखना चाहिये कि शरीर के किसी भी हिस्से को ज्यादा न मोड़े या दबाव ना डालें। इसके साथ शरीर पर लगी चोट पर भी मालिश नहीं करनी चाहिये। मालिश के लिये जैतून के तेल बहुत फायदेमंद है । साथ ही सूरज की किरणों से काली पड़ी त्वचा ठीक होने लगती है। इसमें विटामिन ई होता है जिससे स्ट्रेच मार्क्स ठीक होते हैं। नीलगिरी के तेल से मालिश करने पर मुँहासे भी ठीक हो जाते हैं।

सरसों तेल से मालिश करना भी काफी लाभदायक होता है बाजार में ये तेल और तेलों के मुकाबले काफी सस्ता भी मिलता है। विटामिन ई से भरपूर सरसों के तेल से शरीर की मालिश करने पर त्वचा में कसाव आता है, त्वचा नर्म बनती है और स्वस्थ भी रहती है। नियमित रूप से चेहरे पर मालिश करने से ब्लैक स्पॉट्स, टैनिंग, ब्लेमिशेज, एक्ने मार्क्स, और अन्य तरह के निशान दूर होने लगते हैं । सरसों के तेल में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण भी होते हैं, इसलिए सरसों के तेल की मालिश से त्वचा के संक्रमण और रैशेज दूर होते हैं ।’

यही नहीं मालिश से शरीर में हार्मोन भी संतुलित रहते हैं जिससे त्वचा का रंग निखरता है। खिंचाव करके मालिश करने से शरीर का ब्लड सर्कुलेशन ठीक होता है और शरीर में स्फूर्ति आती है। भारतीय परम्परा में उबटन का इस्तेमाल प्राचीन काल से चला आ रहा है। जिसमें तेल मालिश के बाद बेसन, हल्दी, चंदन, दूध, गुलाब जल, और कपूर डाल कर बनाया जाता है। इसके लिए पहले त्वचा के रोम छिद्र को खोला जाता है और फिर मृत त्वचा को रगड़ कर साफ किया जाता है।

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