मरीजों के लिए सेफ लाइफ है ALS सेवा

0
34

लखनऊ। राज्य सरकार द्वारा एक वर्ष पूर्व शुरू की गयी एडवांस लाईफ सर्पोट एंबुलेंस सेवा एएलएस ने बहुत कम समय में लोगों के बीच अपनी विशेष अपयोगिता को साबित किया हैए अभी तक किसी गंभीर मरीज को एक से दूसरे संस्थान में शिफ्ट करना काफी मुसीबत भरा काम था क्योकि एंबुलेंस में ऐसे संसाधन नही होते थे कि उसमें मरीज को सुरक्षित रखा जा सके पर इस कमी को एएलएस ने ना सिर्फ दूर किया बल्कि एक बड़ी संख्या में गंभीर मरीजों की जान बचायी है।
प्रदेश में 108 व 102 एंबुलेंस सेवा का संचालन करने वाली0 संस्था जीवीके इएमआरआई के सीओओ जितेंद्र वालिया ने बताया कि एएलएस ऐसी सेवा है कि इसमें वेंटीलेटर के साथ ही जीवनरक्षक यंत्र व दवाएं भी मौजूद हैं साथ ही इसमें चलने वाला सहयोगी स्टाफ भी काफी अनुभवी होता है जो मरीज को ले जाते वक्त हमारे चिकित्सक के सम्पर्क में रहते हैं और उनके परामर्श के अनुसार ही मरीज को टिकिल करते हुए भेजे गये संस्थान में पंहुचाने का काम करते हैं।

यूं तो एएलएस के द्वारा अब तक सुरक्षित एक संस्थान से दूसरे संस्थान पंहुचाये गये मरीजों की सूची काफी लम्बी है। उन्होने कुछ खास केसों के बारे में पूछने पर बताया कि अभी पंकज तिवारी के द्वारा 5 मई को बजे एक कॉल मिली जिसे हमारे कॉल सेंटर पर अंकित मौर्य ;संपर्क संख्यारू 6392797164 से द्धअटेंड किया पता चला कि एडॉ आरपी जयसवाल ने पीड़ित विनोद गौर 22 साल डीएच अम्बेडकरनगर से केजीएमसी लखनऊ रिफर किया है जिसकी हालत काफी गंभीर है पता चला कि पीड़ित बाइक चलाते समय दुर्घटना से घायल हुआ था। पीड़ित की स्थिति बहुत नाजुक थीए हमारी एआरओ ज्योति यादव ने तेजी से कार्य किया और मामले को एएलएस अम्बेडकरनगरए वाहन यूपी 41 जी 3881 ;723500652 को सौंपाए जहां ईएमटी धर्मेंद्र कुमार और पायलट वीरेंद्र पटेल ने पीड़ित को वाहन में शिफ्ट किया और गंतव्य के लिए रवाना हुएए केजीएमयूए लखनऊ के रास्ते में पीड़ित की स्थिति बदतर हो रही थी क्योंकि नाड़ी कमजोर हो रही थी और हर स्क्रीनिंग पल के साथ कमजोर हो रही थी।

वह बेहोश था और मुंह से खून बह रहा था ईएमटी ने हमारे चिकित्सक डॉ जीपी कुशवाह से सम्पर्क किया तो उन्होने ऑक्सीजन संतृप्ति के साथ दवा का सुझाव दिया ईएमटी ने निर्देशों का पालन किया और विनोद गौर को दवाएं प्रदान कीं कुछ मिनटों के बादए मॉनिटर पर सूचकांक संतोषजनक स्तर हरे सिग्नल को प्रतिबिंबित करना शुरू कर दिया। डॉ. कुशवाह ईएमटी धर्मेंद्र कुमार पायलट वीरेंद्र पटेल और एआरओ ज्योति यादव के संयुक्त प्रयासों से पीड़ित विनोद गौर को सुरक्षित केजीएमयू पंहुचाया गया और उन्हे अहसास कराया गया कि अब ठीक हैं और जल्द ही पूर्णता स्वास्थ्य होकर अपने घर लौटेंगे।

इसी तरह से 8 मई को एक कॉल डीएच उन्नाव से केशव के द्वारा रिसीव किया गया जो लगभग 4 बजकर दो मिनट पर आया था पता चला कि 18 वर्षीय नीरज जो दुर्घटना में एक मई को बुरी तरह से घायल हुए थे और उन्हे हेड इंजरी है उन्हे केजीएमयू में भर्ती कराया गया था वहां से उपचार करने के बाद उन्हे एक बार फिर से डीएच उन्नाव भेज दिया गया था जहां पर उनका उपचार चल रहा था वो अचानक सुबह काफी क्रिटिकल हो गये जिन्हे डीएच पर संभालना मुश्किल हो रहा था जिस पर डा अमित ने उन्हे पुन: केजीएमयू रिफर कर दिया .यह जानकारी होने पर हमारे एआरओ मोण् शहमीम ने तत्काल एएलएस उन्नाव को जिसका नम्बर यूपी 41 जी 3880 है से सम्पर्क उन्हे चार्ज सौपा जिस पर ईएमटी धमेंद्र सिंह और पाईलेट संदीप कुमार तुरन्त मौके पर पंहुच कर मरीज को एंबुलेंस में शिफ्ट किया और केजीएमयू के लिए रवाना हो गयेएरास्ते नीरज की हालत बिगड़ने लगी तो ईएमटी धमेंद्र ने फोन कर हमारे चिकित्सक डा. जीपी कुशवाहा से सम्पर्क कर सलाह ली और उन्होने उसे मरीज को आक्सीजन के साथ दवाएं देने को कहाएईएमटी ने सलाह के अनुरूप मरीज को दवाएं दी जिससे मरीज की स्थिति में सुधार हुआ और उसकी हालत स्थिर हो गयी जिसके बाद उसे सुरक्षित केजीएमयू के ट्रामा सेंटर पंहुचाया गया।

इसी तरह तीसरे केस में 9 मई को एक कॉल राहुल गुप्ता के द्वारा रिसीव किया गया यह कॉल 8400834464 से 8 बज कर 32 मिनट पर आया। कॉलर ने बताया कि भगवती प्रसाद 60 वर्ष जो कि रोड क्रास करते समय एक वाहन की टक्कर लगने से घायल हो गये थे उनका उपचार डीएच प्रतापगढ़ पर चल रहा था जहां पर स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हे मेडिकल कॉलेज ईलाहाबाद रिफर कर दिया गया है मरीज को हेडइंजरी हुई थी और इंटरनल ब्लीडिंग होने के कारण उसकी हालत बिगड़ रही थीएकॉल को हमारे एआरओ अमिताभ मिश्रा ने तत्काल अटेंड कर से डिटेल ली और एएलएस प्रतागढ़ जिसका नम्बर यूपी 41 जी 3998 है को चार्ज सौंपा। उक्त एएलएस पर तैनात ईएमटी सूरज कुमार व पाईलेट दिनेश कुमार ने तुरन्त मौके पर पंहुच कर मरीज को एंबुलेंस पर शिफ्ट किया और उसे ईलाहाबाद मेंडिकल कालेज लेकर रवाना हो गयेएरास्ते में मरीज की हालत बिगड़ने पर ईएमटी द्वारा चिकित्सक डा अमित से सम्पर्क किया गया जिस पर उन्होने आक्सीजन के साथ दवाए देने को कहा और ईएमटी ने डाण् की सलाह पर मरीज को आक्सीजन के दवाएं दी और उसे पम्प भी किया जिससे उसकी स्थिति में सुधार हुआ और मरीज हल्का होश में आ गया और कहा कि हमारा मरीज सुरक्षित हांथों मे है। जिसके बाद उसे सुरक्षित ईलाहाबाद मेडिकल कालेज के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया।

अब PayTM के जरिए भी द एम्पल न्यूज़ की मदद कर सकते हैं. मोबाइल नंबर 9140014727 पर पेटीएम करें.
द एम्पल न्यूज़ डॉट कॉम को छोटी-सी सहयोग राशि देकर इसके संचालन में मदद करें: Rs 200 > Rs 500 > Rs 1000 > Rs 2000 > Rs 5000 > Rs 10000.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here